पुरोला। नोरी-गड़ोली मोटर मार्ग पर देर रात किए जा रहे डामरीकरण को ग्रामीणों ने मानकों के विपरीत बताते हुए रोक दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर जून माह में भी डामरीकरण हुआ था जो पांच महीनों के भीतर ही उखड़ गया। अब बिना तकनीकी मानकों का पालन किए फिर से डमारीकरण शुरू कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यदायी संस्था मिट्टी हटाए बिना ही सीधे डामर बिछा रही थी। न तो कंप्रेशर चलाया गया और न ही तारकोल की मात्रा मानकों के अनुसार उपयोग की गई।
कड़ाके की ठंड में डामरीकरण तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं है। गांव के मंगलेश नौटियाल और राहुल सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात किए गए ताजा डामरीकरण की परत भी सुबह होते ही उखड़ने लगी।
इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काम को रुकवा दिया। उन्होंने मामले की जांच की मांग उठाई है। उधर, पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता अंकुर पाल ने बताया कि नोरी–कुमोला मोटर मार्ग पर डामरीकरण कार्य दिन में मानकों के अनुरूप चल रहा था जो थोड़ी देर तक चला।
इसी दौरान ग्रामीणों ने आपत्ति जताते हुए काम को रुकवा दिया। अधिकारी ने आश्वस्त किया कि डामरीकरण कार्य नियमानुसार ही किया जाएगा। संवाद