पीएमजीएसवाई कार्यालय में नहीं मिले अधिकारी, फोन भी नहीं उठा रहे अफसर
उत्तरकाशी। गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग पर चिवां के समीप करीब दो माह से क्षतिग्रस्त सड़क का सुधारीकरण न होने से गुस्साए ग्रामीण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग के कार्यालय में पहुंचे। अधिकारियों के नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने कनस्तर बजाकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी फोन उठाने को तैयार नहीं है।
मंगलवार को नाल्ड और चिवां गांव के ग्रामीण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना विभाग के कार्यालय में पहुंचे। वहां पर अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता के न मिलने पर गुस्साए ग्रामीण ईई कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। वहां पर उन्होंने कनस्तर बजाकर अपना विरोध दर्ज किया। साथ ही कहा कि अगर जल्द ही सड़क का सुधारीकरण नहीं होता है तो आगे की ओर भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
स्थानीय निवासी अतर पंवार, रामचंद्र रजवार, रणवीर, मनीषा, सुरेंद्र पंवार, मीरा, पुष्पा, अंकिता, रोशनी व संदीप रजवार ने कहा कि चिंवा के समीप सड़क पर बरसात में भू-धंसाव होने के कारण धंस गई थी। उसके बाद वहां पर लीकेज पाइप लाइन के पानी से सड़क लगातार धंसती गई। अब स्थिति यह है कि सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण आवाजाही में खतरा बना है।
स्कूलों की बस वहां से आगे नहीं आने के कारण बच्चों को तीन से चार किमी पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। हर दिन वहां से सैकड़ों पर्यटक डोडीताल जा रहे हैंं। तीन दिन पूर्व पर्यटकों से भरी बस दुर्घटना होने से बच गई। कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन अधिकारी फोन नहीं उठा रहे। इसलिए मजबूर होकर कार्यालय में प्रदर्शन करना पड़ा। उसके बाद मौके पर पहुंचे अवर अभियंता शिवराज रावत ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बृहस्पतिवार को मशीन भेजकर सड़क का सुधारीकरण किया जाएगा। उसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।