बेमौसमी बारिश और ओलों की मार ने कई जिलों में काश्तकारों की कमर तोड़कर रख दी है। तकरीबन हर दिन शाम को हो रही झमाझम बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
भटवाड़ी ब्लॉक के विभिन्न गांवों में ओलों की बरसात से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। रविवार दिन में चटक धूप के बाद दोपहर में मौसम ने फिर अंगड़ाई ली और शाम होते होते बड़कोट, नौगांव, पुरोला और मोरी क्षेत्र के गांवों में भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई।
आराकोट सेब बेल्ट में तो ओलों की मार से सेब के पेड़ों से फूल, पत्तियों के साथ टहनियां भी टूट गईं। रैथल गांव निवासी पंकज कुशवाल, सेकू गांव के कमल सिंह रावत, अगोड़ा के संजय पंवार, हीना गांव के विजयपाल मखलोगा आदि ग्रामीणों ने भटवाड़ी, सैंज, मनेरी, स्याबा, लाटा, सौरा, सारी, मल्ला, सिल्ला, पिंलग, जौड़ाव, बंद्राणी, गोरसाली, द्वारी, जखोल, रैथल, नटीण, क्यार्क, अगोड़ा, गजोली, भंकोली, सेकू गांवों में ओलावृष्टि से तबाही की तस्वीर पेश की। पहले ही लॉक डाउन की बंदिशों और मौसम की बेरुखी से पस्त जिले के किसानों ने सरकार से क्षति का आंकलन कराकर क्षतिपूर्ति की मांग की है।
स्थानीय वासियों की आजीविका चार धाम यात्रा तथा नकदी फसलों के उत्पादन पर टिकी है। कोरोना महामारी के चलते यात्रा ठप है और मौसम की बेरुखी से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं। इस संबंध में प्रशासन को क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम और कृषि मंत्री से भी वार्ता की जा रही है।
-गोपाल रावत, विधायक गंगोत्री क्षेत्र।
आजकल रोजाना हो रही ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। राजस्व विभागों की टीमें क्षति के आकलन के लिए संबंधित गांवों में भेजी जा रही हैं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जा सके।
-डॉ. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
जिले के अधिकांश हिस्सों में आजकल गेहूं की फसल तैयार होने को है। साथ ही सेब आदि वृक्षों का फ्लावरिंग सीजन चल रहा है। खेतों में धान की नर्सरी तैयार करने के साथ ही मटर, मसूर, चना, टमाटर, आलू, गोभी, शिमला मिर्च आदि की खेती हो रही है। ओलावृष्टि इन सभी फसलों के लिए हानिकारक है।
-डॉ. पंकज नौटियाल, प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़।
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बारिश और ओलों ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी
अगस्त्यमुनि/ऊखीमठ। ब्लॉक की ग्राम पंचायत धारतोंदला, जहंगी, पिल्लू, गणेशनगर, गिंवाला समेत अन्य गांवों में भारी ओलावृष्टि से काश्तकारों की फसलें चौपट हो गई हैं। घरों के आंगन से लेकर खेतों में बड़े-बड़े ओले गिरने से फलदार पेड़ों को भारी नुकसान हुआ है। उधर, ऊखीमठ ब्लॉक के गांवों में भी मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को क्षति पहुंची है।
रविवार को दोपहर बाद आसमान में घने बादल छाने के साथ ही कुछ देर तक अंधड़ चलता रहा। इसके बाद अचानक तेज बारिश के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। घरों के आंगन से लेकर खेत-खलियान तक में सब्जी और नगदी फसलें नष्ट हो गई हैं। उधर, ऊखीमठ ब्लॉक के तुंगनाथ और मद्महेश्वर घाटी के कंथा, करोखी, रौडू, दिलमी, सारी, पापड़ी, दैड़ा, उषाड़ा, हुड्डू, कांडा, बरंगाली, परकंडी, ककोला, थांड, धरसाल, प्यूंग, सिरवा, धु्रवनगर, नेहरा-चौंडा, पलद्वाड़ी आदि गांवों में भी ओलावृष्टि से खेती चौपट हो गई है। धारतोंदला की पूर्व ग्राम प्रधान अनीता देवी ने राजस्व विभाग से नष्ट फसल का आंकलन करने की मांग की है।