करोड़ों खर्च होने के बाद भी कचरे की नहीं हो रही है छंटनी
उत्तरकाशी। नगर क्षेत्र में कूड़ा सेग्रीगेशन व्यवस्था पर उत्तराखंड क्रांति दल ने गंभीर सवाल उठाए हैं। दल का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के अनुरूप कचरे के पृथक्करण की प्रभावी व्यवस्था विकसित नहीं की गई है और मिश्रित कचरे का निस्तारण भी वैज्ञानिक तरीके से नहीं हो रहा।
यूकेडी ने इसे पर्यावरण और भागीरथी नदी के लिए बड़ा खतरा बताते हुए पूरे कचरा प्रबंधन तंत्र की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही 15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर जनांदोलन की चेतावनी दी है। बृहस्पतिवार को यूकेडी का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय महामंत्री किरन रावत एडवोकेट के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला।
उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और गंगोत्री धाम का प्रवेश द्वार है। इसके बावजूद नगर में अव्यवस्थित कचरा प्रबंधन, प्रशासनिक उदासीनता और पर्यावरणीय संकट गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नगर में कचरा प्रबंधन के नाम पर वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में आज भी कूड़े के ढेर लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के तहत कचरे का पृथक्करण अनिवार्य होने के बावजूद इसकी प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई गई है। संबंधित फर्म मिश्रित कचरे को बिना वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाए सीधे परिवहन कर रही है। उन्होंने कहा कि बरसात में खुले में पड़ा कचरा बहकर सीधे मां भागीरथी में पहुंच रहा है, जो पर्यावरण के साथ-साथ आस्था और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी बड़ा खतरा है। ज्ञापन सौंपने वालों में युवा अध्यक्ष सुरजीत राणा, पंकज उनियाल, रोहित रावत, मोहित मथुरा, उपेंद्र राणा, सचिन कुमार, परिपूर्ण रावत मौजूद रहे।