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नैटवाड़-मोरी जल विद्युत परियोजना का काम ठप कर श्रमिकों ने शुरू किया आंदोलन

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सतलुज जल विद्युत निगम की निर्माणाधीन 60 मेगावाट की नैटवाड़-मोरी जल विद्युत परियोजना में कार्य कर रहे मजदूर अपने हितों को लेकर मुखर हो गए हैं। दो दिनों से काम बंद कर मजदूर धरने पर डटे हुए हैं। मजदूरों के बीच दो गुट बनने के कारण बृहस्पतिवार को यहां जमकर मारपीट और बवाल हुआ। इसमें एक मजदूर घायल हो गया, जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
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सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा मोरी में 60 मेगावाट की नैटवाड़-मोरी जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के सिविल कार्य कर रही जेपी कंस्ट्रक्शन कंपनी में श्रमिक कार्य कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उन्हें मानक के अनुसार मानदेय नहीं दे रही है। साथ ही जोखिम भरी साइटों पर सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं हैं। मांगों के निराकरण को बुधवार से श्रमिकों ने काम बंद कर धरना शुरू किया। बृहस्पतिवार को उनके समर्थन में श्रमिक संगठन सीटू के प्रांतीय पदाधिकारियों ने भी प्रदर्शन किया। इस बीच परियोजना प्रभावित बैनोल गांव के ग्रामीणों और कई मजदूरों ने सीटू संगठन के पदाधिकारियों का विरोध दिया। मजदूरों के बीच दो गुट बनने पर विवाद बढ़ा और दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें नैटवाड़ निवासी जनक सिंह (34) पुत्र राजेंद्र सिंह घायल हो गया। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरी में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक भी विवाद थमा नहीं है। मजदूर संगठनों और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता का दौर जारी है।
वहीं जेपी कंस्ट्रक्शन कंपनी के महाप्रबंधक केके सती ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। सतलुज जल विद्युत निगम के सहायक प्रबंधक जीएस पुंडीर का कहना है कि मजदूरों को प्रदेश सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार मजदूरी दी जा रही है। उधर, सीटू के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र नेगी, भगवती पयाल, राजेंद्र पुरोहित बताया कि संगठन ने 15 दिन पहले भी मजदूरों की ओर से 19 सूत्री मांगपत्र कंपनी को सौंपा था, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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