आपदा के ढाई साल बाद भी हालात में सुधार नहीं होने से गुस्साए जोशियाड़ा के आपदा प्रभावितों ने 18 मार्च से उप तहसील परिसर में बेमियादी धरना शुरू करने का ऐलान किया है।
जून 2013 में आई आपदा में जिला मुख्यालय से सटे जोशियाड़ा क्षेत्र में भारी तबाही मची थी।
सड़क का करीब तीन सौ मीटर हिस्सा पूरी तरह तबाह होने से दर्जनों घर-दुकान अलग-थलग पड़ गए। अभी तक यहां सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे लोग दूसरों के घरों की दीवारें फांद कर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
सीएम ने आपदा पीड़ितों के बिजली-पानी के बिल माफ करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से बिल थमाए जाने से प्रभावितों में रोष है। सरकार ने बाढ़ में व्यापारियों के बहे सामान का मुआवजा देने की घोषणा कर इसका आकलन भी कराया, लेकिन अभी तक व्यापारियों को मुआवजा नहीं दिया।
बार-बार मांग करने पर भी मांगों की सुनवाई नहीं होने से आपदा प्रभावितों में रोष है। जोशियाड़ा क्षेत्र के विजय बहादुर रावत, कृष्णा गुसाईं, मनोज पंवार, संदीप पंवार, दिनेश पंवार, भगवान सिंह बिष्ट, जसपाल बिष्ट, दिनेश उप्पल, सुमित्रा सेमवाल, पारेश्वर प्रसाद, महेंद्र नौटियाल आदि प्रभावितों ने मांगों को लेकर सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने शीघ्र मांगें पूरी नहीं होने पर 18 मार्च से जोशियाड़ा उप तहसील कार्यालय परिसर में बेमियादी धरना शुरू करने का ऐलान किया है।