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चार धाम यात्रा धीमी करने के लिए टीवी चैनल जिम्मेदार

Tue, 21 Jun 2016 09:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
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केदारनाथ धाम - फोटो : file photo
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चार धाम यात्रा पर एक माह के भीतर ही ग्रहण लगने से गुस्साए टैक्सी एवं होटल कारोबारियों ने इसके लिए टीवी चैनलों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पुतला फूंककर विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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जून 2013 की आपदा के बाद चार धाम यात्रा ठप पड़ गई थी, जिससे यात्रा कारोबारियों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया था। इस साल यात्रा मार्ग एवं व्यवस्थाएं दुरुस्त होने से यात्रा को अच्छी शुरूआत मिली। नौ मई को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यहां पहुंच रहे थे।

28 मई को अतिवृष्टि से उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी नुकसान हुआ। इसके बाद से यात्रा में एकदम गिरावट आ गई। शुरूआती दिनों में जहां रोजाना पांच से आठ हजार तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंच रहे थे, वहीं आजकल यह आंकड़ा सिमट गया है। जिससे यात्रा पर टिका कारोबार मंदा पड़ गया है।
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टैक्सी एवं होटल कारोबारियों का कहना है कि 28 मई को हुई अतिवृष्टि से यात्रा मार्ग और तीर्थधाम क्षेत्रों में कोई नुकसान नहीं हुआ। इसके बावजूद कुछ राष्ट्रीय मीडिया चैनलों ने जून 2013 की आपदा के विजुअल्स के साथ ‘उत्तराखंड में आफत का अलर्ट’, ‘आसमानी आफत’जैसी सनसनी खबरें प्रसारित कर देश के विभिन्न हिस्सों में चार धाम यात्रा के प्रति दहशत फैलाने का काम किया। इसके बाद निरंतर होटलों की बुकिंग कैंसिल हुई और अब रोजाना चार-पांच सौ यात्री ही धामों तक पहुंच रहे हैं।

इसका विरोध करते हुए उन्होंने मंगलवार को कलेक्ट्रेट गेट पर कुछ राष्ट्रीय मीडिया चैनलों का पुतला फूंककर रोष जताया। पुतला फूंकने वालों में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरी, शैलेंद्र मटूड़ा, विजय बहादुर रावत, विशेष जगूड़ी, प्रकाश भद्री, बिंदेश कुड़ियाल, विजय चौहान, दीनानाथ नौटियाल, आशीष कुड़ियाल सहित कई शामिल थे।
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