आठ दिवसीय अठूड़ पर्व की तैयारियां पूरी
उत्तरकाशी। काशी विश्वनाथ मंदिर गुरुकुलम की ओर से लोकपर्व फूलदेई की परंपरा के संरक्षण के लिए पिछले एक दशक से कार्य किया जा रहा है। मंदिर में हर वर्ष की भांति इस बार भी आगामी 15 से 22 मार्च तक आठ दिवसीय अठूड़ पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए जनपद मुख्यालय के 30 छात्र-छात्राओं ने स्वेच्छा से वहां पर पंजीकरण करवाया गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत अजय पुरी ने कहा कि यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और युवा पीढ़ी के सहभाग का एक सुंदर संगम है। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के विद्यार्थी पारंपरिक विधि-विधान के साथ लगातार आठ दिनों तक फ्योंली एवं अन्य स्थानीय पुष्पों को घरों की देहरी और बाबा विश्वनाथ के चरणों में अर्पित करेंगे।
यह बच्चे ढोल-दमांऊ के साथ फूलदेई की देवडोली बनाकर नगरवासियों के घर पर पहुंचते हैं। इसके साथ ही देश और विश्व सहिज जनपद की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करेंगे। महोत्सव के दौरान सभी प्रतिभागी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर परिसर में एकत्रित होकर फूलदेई के पारंपरिक गीतों का सामूहिक गायन भी।
इसे लोक परंपराओं के अनुरूप हर वर्ष की भांति भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। कहा कि हर वर्ष इस लोक परंपरा को मनाने के लिए जनपद के बच्चों में उत्साह दिख रहा है। वह अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।