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तीर्थ पुरोहितों के आंदोलन को व्यापार मंडल का समर्थन

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देवस्थानम प्रबंधन विधेयक का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों का धरना आंदोलन सोमवार को दसवें दिन भी जारी रहा। उत्तरकाशी व्यापार मंडल ने भी तीर्थ पुरोहितों की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन को समर्थन का एलान किया है। 18 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर तीर्थ पुरोहितों की महारैली के दिन यहां व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे।
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चार धाम समेत 51 प्राचीन मंदिरों की प्रबंध व्यवस्था देवस्थानम प्रबंधन एक्ट के अधीन किए जाने से गुस्साए तीर्थ पुरोहितों का आक्रोश थमता नहीं दिख रहा है। धरना स्थल पर हुई सभा में तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि सरकार की मंशा चार धामों में यात्री सुविधाएं चाक चौबंद करना नहीं, बल्कि इस विधेयक की आड़ में हिंदू आस्था के केंद्रों का अधिग्रहण करना है। यह अनादि काल से चली आ रही परंपराओं और धार्मिक आस्था का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि विधेयक निरस्त किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। 18 दिसंबर को चारों धामों के तीर्थ पुरोहित उत्तरकाशी जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ महारैली करेंगे।
सोमवार को व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी, अजय प्रकाश बडोला, सोबेंद्र कलूड़ा आदि ने धरना स्थल पर पहुंचकर तीर्थ पुरोहितों की मांग को जायज बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर को तीर्थ पुरोहितों की महारैली के दिन उत्तरकाशी के व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर उन्हें समर्थन देंगे। जिले के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर तीर्थ पुरोहितों का अपना समर्थन दिया। इस मौके पर श्री पांच मंदिर समिति गंगोत्री के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, केशवानंद, अशोक सेमवाल, सुनील सेमवाल, महेश सेमवाल, नटवर नौटियाल, राजीव कुमार, राजेश सेमवाल, दिनेश पंवार, कृष्णानंद, राजेश नेगी आदि मौजूद रहे।
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आल इंडिया हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड ने दिया समर्थन
श्रीनगर। सरकार के देवस्थानम कानून को आल इंडिया हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीर्थ पुरोहित समाज व हक हकूकधारियों के अधिकारियों का हनन बताया है। नगर में आयोजित लॉ बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश रतूड़ी, भगत सिंह बिष्ट, कुसुमलता ममगांई, गायत्री थपलियाल, सरिता नेगी, गणेशी भंडारी, वीसी बडोनी व उम्मेद सिंह पटवाल आदि मौजूद थे।
देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के विरोध में 20 को श्रीनगर में रैली
श्रीनगर। देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के विरोध में 20 दिसंबर को तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी श्रीनगर में विशाल रैली निकालेंगे। इस रैली में उत्तराखंड के चारों धामों सहित 51 मंदिरों से जुड़े लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
सोमवार को यहां आंदोलन की रणनीति के लिए विनोद शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि 20 दिसंबर को सभी तीर्थ पुरोहित और हक हकूकधारी बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की धर्मशाला में एकत्रित होंगे। यहां से रैली बाजार क्षेत्र से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगी। जहां सभा का आयोजन होगा। बताया गया कि रैली के पश्चात प्रदेश सरकार का पुतला फूंका जाएगा। बैठक में देवभूमि चार धाम महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल, उमेश चंद्र पोस्ती, बुधी राम शर्मा, मदन लाल डंगवाल, ध्रुव नारायण कर्नाटक, सुधाकर बाबुलकर, संजय हटवाल, दिनेश हटवाल, प्रमोद, जगदंबा व दिवाकर बाबुलकर आदि उपस्थित थे।
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