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यमुनोत्री के पर्यटन स्थलों पर पहुंचने लगे पर्यटक

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यमुनोत्री क्षेत्र स्थित बंदरपूंछ बेस कैंप में पहुंचा स्थानीय युवाओं व पर्यटकों का दल। - फोटो : UTTER KASHI
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बरसात थमने और अनलॉक 4 के तहत छूट मिलने पर अब बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहाड़ों का रुख करने लगे हैं, जिससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिल गए हैं। यही नहीं प्रवासी भी क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं तलाश कर पर्यटकों को यहां आने के लिए लगातार आमंत्रित कर रहे हैं।
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कोरोना महामारी के कारण इस बार चारधाम यात्रा नहीं चलने और लॉकडाउन के कारण अपने घर-गांव लौटे खरसाली गांव के युवक पर्यटन के लिहाज से उपेक्षित यमुनोत्री क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने में जुटे हैं। इन युवाओं ने पहले यमुना के उद्गम सप्तऋषि कुंड, बंदरपूंछ बेस और आसपास के पर्यटन स्थलों की रेकी की और अब वे पर्यटकों को आमंत्रित कर रहे हैं। युवाओं की पहल रंग लाने लगी है। एक हफ्ते में इस क्षेत्र में देशी-विदेशी पर्यटकों की चहलकदमी बढ़ गई है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं।
बीते हफ्ते रूस के पर्यटक सप्तऋषि कुंड आदि पर्यटन स्थलों की सैर के लिए यहां पहुंचे। चार दिन पहले टिहरी, देहरादून आदि जिलों से पहुंचे आठ पर्यटक खरसाली गांव के अनोज उनियाल के नेतृत्व में बंदरपूंछ बेस कैंप, डिगडारा, माला, तलमलूका, संगासू, बेथाच, भीतरी जोखया, टॉप बुग्याल आदि पर्यटन स्थलों की सैर पर निकले। 60 किमी लंबे इस ट्रैक पर बिखरे नैसर्गिक सौंदर्य से ये पर्यटक अभिभूत नजर आए। दल में शामिल प्रियांशु भट्ट, आशीष कंडारी, पंकज, श्रवण, नरेश, महेश एवं जयकृष्ण ने बताया कि क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यदि यहां ढांचागत सुविधाएं जुटाई जाएं तो बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं। नारायणपुरी निवासी आदित्य रावत ने कहा कि यमुना घाटी में दर्जनों पर्यटन स्थल हैं। इन्हें सूचीबद्ध कर सरकार से इनके विकास की मांग की जाएगी। ताकि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
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