नगर की कचरा निस्तारण व्यवस्था पालिका के लिए जी का जंजाल बनकर रह गई है। रविवार से व्यापारियों ने धरना आंदोलन शुरू कर जियोग्रिड वाल के पीछे कूड़ा डालने पर पाबंदी लगा दी है।
ज्ञानसू क्षेत्र के लोगों ने भी कूड़ा डालने का विरोध किया है। नगरवासियों के विरोध को देखते हुए तेखला के ग्रामीण भी तेखला गदेरे में कूड़ा नहीं डालने देने के लिए मोर्चाबंदी कर रहे हैं। ऐसे में यदि पालिका एवं प्रशासन शीघ्र कचरा निस्तारण की ठोस व्यवस्था नहीं कर पाए, तो 14 जनवरी से हो रहे माघ मेला के दौरान नगर में कूड़े की समस्या भयावह रूप ले सकती है।
तेखला गदेरे में दो दशकों से चली आ रही कूड़ा डंपिंग की व्यवस्था समेट कर पालिका ने बस अड्डे के पास जियोग्रिड वाल के पीछे वैकल्पिक व्यवस्था की, लेकिन इसके दुष्परिणाम सामने आए।
हाल यह है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर में मक्खी-मच्छरों ने जीना मुहाल कर दिया है। इसे देखते हुए नगर के व्यापारियों ने रविवार से पालिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने जियोग्रिड वाल के पास धरना शुरू कर यहां कूड़ा डालने पर पाबंदी लगा दी।
बीच में ज्ञानसू पाडुली खाले के पास और तेखला गदेरे में कचरा निस्तारण पर सहमति बनती दिख रही थी, लेकिन नगर वासियों के विरोध को देखते हुए तेखला एवं गंगोरी के ग्रामीणों ने भी तेखला गदेरे में कूड़ा उड़ेलने पर असहमति जता दी है।
ऐसे में अब पालिका के पास नगर से रोजाना निकलने वाले कूड़े को ठिकाने लगाने की समस्या खड़ी हो गई है। यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो 14 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेले के दौरान यह समस्या भयावह रूप ले लेगी।
जियोग्रिड वाल के पीछे नहीं डालने देंगे कूड़ा
रविवार को धरना प्रदर्शन करने वाले व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी, नगर अध्यक्ष राजेंद्र पंवार, अंकित उप्पल, होटल एसोसिएशन के शैलेंद्र मटूड़ा, महेश पंवार, नरेश शर्मा, अजय बडोला, प्रताप पोखरियाल आदि तमाम लोगों ने जियोग्रिड वाल के पीछे किसी हाल में कूड़ा नहीं डालने देने का ऐलान किया।
उन्होंने यहां जमा कचरे को हटाकर पार्किंग के तौर पर विकसित नहीं करने पर माघ मेला का बहिष्कार तथा यहां आने पर सीएम एवं मंत्रियों का विरोध करने का ऐलान किया।
ग्रामीण क्यों झेलें नगर के कूड़े के दुष्प्रभाव
गंगोरी एवं तेखला क्षेत्र निवासी पवना सेमवाल, राधिका उनियाल, राजेंद्र चौहान, सुभाष भट्ट, विवेक पश्चिमी, दलवीर चौहान, अतर सिंह, अली खान आदि का कहना है कि जब नगरवासी अपने कचरे को अपने आसपास डंप करने की व्यवस्था स्वीकारने को राजी नहीं, तो फिर गांव के लोग इनके कचरे के दुष्प्रभाव क्यों झेलें।
कोट.........
क्षेत्र के घर एवं दुकानों से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था में सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए। कचरा निस्तारण के लिए शहरी विकास मंत्रालय से 50 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इस बजट से तेखला में वैज्ञानिक ढंग से कचरा निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। एसडीएम को इस मामले में निर्देश दिए गए हैं।
विनय शंकर पांडेय, डीएम उत्तरकाशी।
कोट.........
नगर में सफाई की जिम्मेदारी पालिका की है, लेकिन डंपिंग के लिए जगह देना प्रशासन का काम है। हर जगह विरोध को देखते हुए पालिका सोमवार से नगर से कूड़ा एकत्र नहीं करेगी। विशेषज्ञ बुलाए गए हैं, उनकी तकनीकी और सुझाव के आधार पर नगर के सभी नौ वार्डों में अलग-अलग कचरा निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी।
जयेंद्री राणा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद उत्तरकाशी।