पंच पंडा समिति की ओर से तय नियमों को ठेंगा दिखाकर यमुनोत्री मंदिर में दिव्यशिला, यमुना मुखारबिंदु में यात्रियों की पूजा कराने में कुछ दबंगों की ओर से एकाधिकार जमाने से यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों में उत्पन्न विवाद किसी भी समय हिंसक रूप ले सकता है। स्थिति को भांप कर डीएम ने एसपी तथा एडीएम को यमुनोत्री भेजकर विवाद सुलझाने की कोशिश शुरू कर दी है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष पवन उनियाल, सचिव पुरुषोत्तम उनियाल, पंच पंडा समिति के अध्यक्ष बागेश्वर उनियाल सहित मंदिर की पूजा से जुड़े 75 से ज्यादा तीर्थ पुरोहितों की ओर से हस्ताक्षरित ज्ञापन राज्यपाल को भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया कि खरसाली गांव के उनियाल जाति के लोग ही रियासत काल से यमुनोत्री मंदिर में पूजा-अर्चना कराने का काम करते हैं।
मंदिर में पूजा कराने का अधिकार हर परिवार को दिया गया है, लेकिन मंदिर में बाहर दिव्यशिला पर यात्रियों की पूजा पर कुछ दबंग तीर्थ पुरोहितों ने एकाधिकार जमाकर कमजोरों से पूजा का अधिकार छीन रहे हैं। मुखार बिंदु के बजाय यमुना तट पर पूजा कराने की व्यवस्था करने की मांग की गई।
पंच पंडा समिति की ओर से तय नियमों को लागू किया जाय। शनिवार को डीएम ने विवाद सुलझाने के लिए एडीएम अशोक कुमार पांडे व एसपी ददनपाल सिंह को यमुनोत्री के लिए रवाना कर दिया। डीएम से मिलने आए जयदेव उनियाल, दिनेश उनियाल आदि का कहना है कि यदि प्रशासन ने यह विवाद नहीं सुलझाया, तो तीर्थ पुरोहित आंदोलन करेंगे।