फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi News: टिहरी बांध प्रभावितों को दो दशक बाद भी पुल निर्माण का इंतजार

Thu, 14 May 2026 06:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
विज्ञापन
विज्ञापन
छाम पुल डूबने से 40 गांवों का संपर्क टूटा
विज्ञापन

ग्रामीण 40 किमी अतिरिक्त सफर को मजबूर
चिन्यालीसौड़। टिहरी बांध परियोजना ने देश को बिजली, सिंचाई और पेयजल की बड़ी सौगात दी लेकिन बांध प्रभावित गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भागीरथी नदी पर बना ऐतिहासिक छाम पुल वर्ष 2005 में टिहरी झील में समा गया था। इसके बाद से टिहरी और उत्तरकाशी जनपद के करीब 40 गांवों का सीधा संपर्क टूट गया लेकिन दो दशक बीतने के बाद भी कंडीसौड़–बल्डोगी पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
छाम पुल कभी क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता था। इसके जरिए लोग कुछ ही मिनटों में नदी पार कर लेते थे, लेकिन पुल डूबने के बाद अब ग्रामीणों को चिन्यालीसौड़ होकर करीब 40 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इससे समय और परिवहन खर्च दोनों कई गुना बढ़ गए हैं।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि पुल के टूटने से केवल रास्ते नहीं, बल्कि सामाजिक रिश्ते और आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। पहले शादियों, मेलों और पारिवारिक आयोजनों में गांवों के बीच लगातार मेलजोल बना रहता था लेकिन दूरी बढ़ने से सामाजिक संपर्क कमजोर पड़ गया है। वहीं, छाम बाजार के जलमग्न होने से स्थानीय व्यापार भी लगभग समाप्त हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि झील पार कराने के लिए शुरू की गई नाव सेवा भी व्यवहारिक साबित नहीं हुई। ऐसे में स्थायी पुल ही एकमात्र समाधान है।
विज्ञापन

तकनीकी कारणों से पुल की लागत करीब 150 करोड़ रुपये आंकी गई है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े राज्य बजट में यह राशि कोई बड़ी बाधा नहीं होनी चाहिए। हालांकि चुनावों में लगातार आश्वासन मिलते रहे हैं लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। ब्लॉक प्रमुख थौलधार सुरेंद्र भंडारी, चिन्यालीसौड़ ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह महंत, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी इशिता सजवाण का कहना है कि सरकार को इस दिशा में ठोस निर्णय लेने की जरूरत है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें