पर्यावरणविदों ने डीएम से की गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण में कटने वाले पेड़ों की संख्या बताने की मांग
उत्तरकाशी। जनपद के पर्यावरणविदों ने जिला प्रशासन से से गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण में कटने वाले पेड़ों की संख्या पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर रोड ऑर्गनाईजेशन और वन विभाग की एक बैठक बुलाकर दोनों से इस संबंध में जानकारी को सार्वजनिक रूप में साझा किया जाए। कहा कि अब सड़क चौड़ीकरण के लिए चौड़ाई को कम किया गया है। इसलिए इसकी जानकारी भी दी जाए कि कितने पेड़ बचाए जा रहे हैं।
गंगोत्री के देवदार के पेड़ों पर बांधे गए रक्षासूत्र आंदोलन के बाद रक्षासूत्र आंदोलन से जुड़े सुरेश भाई और ग्लेशियर लेडी शांति ठाकुर ने जिलाधिकारी प्रशांत आर्य को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने उनके सामने तीन मांगे रखी। उन्होंने कहा कि बीते सात दिसंबर को गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवदार के पेड़ों को बचाने के लिए भैरो घाटी में रक्षासूत्र बांधा गया।
उसके बाद जानकारी मिली कि देवदार के लगभग 5400 पेड़ बचाए जा रहे हैं। उसमें लगभग 1413 पेड़ सड़क चौड़ीकरण में काटे जा सकते हैं। इसकी आधिकारिक सूचना मांगी जाए। पर्यावरणविदों ने मांग की है कि बीआरओ और वन विभाग के साथ एक बैठक बुलाई जाए। उसमें उनको पिछले दो वर्षों में केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी जाए।
इसके साथ ही इस संबंध में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लिखे अनेकों पत्रों में से तीन पत्र उन्हें मिले थे। इसकी प्रतिलिपि सीमा सड़क संगठन को भी भेजा गई थी लेकिन उन्होंने इस पर किसी प्रकार का जवाब नहीं दिया गया। 2016 के बाद छपान किया गया था तब सड़क की चौड़ाई 18 से 24 मीटर थी। अब जब सड़क की चौड़ाई 10 से 11 मीटर हो गई है तो इसके बाद कितने पेड़ बचाए जा रहे हैं।