डीएम ने दिए जांच के आदेश, सीईओ और अधिशासी अभियंता करेंगे निरीक्षण
भवन मरम्मतीकरण और सौंदर्यीकरण के कार्याें की होगी जांच
उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज जुणगा में किए जा रहे भवन मरम्मतीकरण और सौंदर्यीकरण कार्यों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान की ओर से डीएम से शिकायत के साथ ही बीडीसी बैठक में यह मुद्दा उठाया कि कार्यदायी संस्था अवस्थापना सिंचाई खंड के अधिकारियों की कार्य के आकलन की किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी जा रही। स्वीकृत धनराशि में मात्र कुछ कमरों में टाइल्स लगाकर इतिश्री कर दिया गया।
जुणगा गांव के ग्राम प्रधान अनिल भंडारी ने बताया कि उनके गांव के राजकीय इंटर कॉलेज में बिना सूचना के ही अवस्थापन सिंचाई खंड की ओर से भवन मरम्मतीकरण और सौंदर्यीकरण शुरू किया गया। स्थिति यह थी कि शिक्षा विभाग की ओर से स्वीकृत धनराशि आवंटन के समय इसकी जानकारी विद्यालय प्रबंधन को देने के निर्देश भी दिए गए लेकिन इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
पहले कहा गया कि दो कक्षों में ही टाइल्स लगेंगे। उसके बाद चार कमरों में लगाए गए। इस संबंध में जब अवस्थापना खंड के अधिकारियों से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने सूचना के अधिकार में मांगने की बात कही। उसके बाद ग्राम प्रधान ने इस संबंध में शिक्षा विभाग से जानकारी ली तो धनराशि की जानकारी मिली कि कार्य नौ लाख 37 हजार का है लेकिन उसके अनुरूप विद्यालय में कार्य नहीं हुआ था।
इस संबंध में उन्होंने पूर्व में डीएम और सीईओ को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट और कार्यों की जांच की मांग की थी लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने बीते मंगलवार को डुंडा विकासखंड की बीडीसी बैठक में मुद्दे को उठाया और कहा कि उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिल रही। इस पर डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को संयुक्त निरीक्षण के बाद जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। सीईओ अमित कोटियाल ने कहा कि बृहस्पतिवार को जांच के लिए पत्र जारी कर जल्द ही मौके पर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा।