जनसभा कर आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का किया गया सबसे आह्वान
बोले, अलग जिला बनने के बाद ही हो सकता है क्षेत्र का सर्वांगीण विकास
नौगांव (उत्तरकाशी)। रवांई पृथक जनपद संघर्ष समिति की ओर से नौगांव के मुख्य बाजार में आयोजित जनसभा में अलग जिले की मांग को लेकर लोग फिर मुखर हो गए। जनसभा में वक्ताओं ने क्षेत्रवासियों से आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने और इसे मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पृथक जनपद का गठन ही रवांई क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित होगा।
समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर पृथक जनपद गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से रवांई क्षेत्र स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। प्रशासनिक दूरी और संसाधनों की कमी के कारण आम लोगों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उनका कहना था कि पृथक जनपद बनने से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे रवांई क्षेत्र के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़ा जन आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाएं। जनसभा को प्रकाश डबराल, बलदेव असवाल, हरिमोहन नेगी, दीपक धीमान, जगवीर रावत, जगदीप रावत, रमेश इंद वाण, चैन सिंह असवाल सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि रवांई के विकास और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा और पृथक जनपद बनने तक आंदोलन निरंतर चलता रहेगा। उनका कहना था कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को गांव-गांव तक विस्तारित कर और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।