उत्तरकाशी। गंगा किनारे जड़भरत घाट से गंगा मंदिर तक निर्मित सार्वजनिक पार्क सहित अन्य घाटों पर शराबियों का जमघट लगा रहता है। शराब पीने वालों की तादाद अंधेरा होने के साथ बढ़ने लगती है। यहां गंगा किनारे बैठ कर खुलेआम शराब पीने वालों को पुलिस का खौफ नहीं है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं तो आहत हो ही रही है। साथ ही देश-विदेश में तीर्थनगरी की छवि भी खराब हो रही है।
स्थानीय निवासी अजय प्रकाश बडोला, मान सिंह रावत, बिरेंद्र पुरी, अनिल पुरी, राजेश बिज, तनुजा राणा, अजय बहुगुणा, प्रीतम गुंबर, विष्णु पाल सिंह रावत, मुनेंद्र रावत ने इस संबंध में प्रशासन और पुलिस को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे जड़भरत घाट से गंगा मंदिर तक निर्मित सार्वजनिक पार्क है। इसमें स्थानीय बुजुर्ग शांत वातावरण के लिए घूमने आते हैं।
साथ ही इस स्थान पर बच्चे खेलने आते हैं लेकिन कुछ दिनों से शाम होते ही शराबियों का अड्डा बन गया। कहा कि कुछ बुजुर्ग लोग वहां सुबह घूमने गए तो वह शराब एक बैंच पर अंग्रेजी शराब की बोतल और गिलास पड़े दिए। यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यह सार्वजनिक स्थल समाज के लिए असुरक्षा और अव्यवस्था का प्रतीक बन जाएगा। उन्होंने इस स्थान पर सीसीटीवी कैमरे के साथ ही नियमित पुलिस गश्त लगाने की मांग की। संवाद