30 मई को दोबारा शुरू होगी दोनों देवडोलियों की यात्रा
उत्तरकाशी। जनपद के भराण गांव में देवडोली को यात्रा में न ले जाने के विवाद के बाद दोबारा गांव की दोनों देवडोलियां गंगोत्री धाम की यात्रा पर जाएंगी। अनुसूचित जाति के लोगों का कहना है कि उन्होंने यात्रा के लिए धनराशि एकत्रित की थी। इसलिए अब ग्राम देवता सोमेश्वर के साथ उनकी कुल देवी राजराजेश्वरी की देवडोली को यात्रा पर ले जाने का निर्णय लिया गया है।
गंगा दशहरा के अवसर पर डुंडा विकासखंड के भराण गांव में गांव के आराध्य देवता सोमेश्वर देवता की देवडोली के साथ अनुसूचित जाति की राजराजेश्वरी देवी की देवडोली को ले जाने को लेकर विवाद हो गया था। उसके बाद नाराज एससी के लोग मामले को लेकर कोर्ट में पहुंच गए थे। वहां पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के समझाने के बाद वे लोग वापस गांव चले गए थे।
दूसरी ओर अब अनुसूचित जाति के लोगों ने गांव में एक बैठक आयोजित की। उसमें निर्णय लिया गया कि आगामी 30 मई को सोमेश्वर देवता के साथ राजराजेश्वरी की देवडोली को दोबारा यात्रा पर ले जाया जाएगा। गांव के राजेंद्र लाल ने बताया कि विवाद गांव के कुछ लोगों की कहासुनी के बाद उठा था।
क्योंकि एससी के लोगों ने भी यात्रा के लिए धनराशि एकत्रित की थी। इसलिए अब निर्णय लिया गया है कि दोबारा दोनों देवडोलियां यात्रा पर जाएंगी। उसमें जिस भी वर्ग के व्यक्ति को शामिल होना होगा। वह यात्रा में आ सकते हैं। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही इस विवाद को ग्रामीणों के बीच बैठकर सुलझाया जाए।