यात्रा सीजन अंतिम चरण में, कारोबार पर छाने लगी मंदी
उत्तरकाशी/बड़कोट। बरसात थमने के बाद रफ्तार पकड़ने वाली गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा अब फिर धीमी पड़ने लगी है। पिछले एक सप्ताह से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार गिरावट आने से दोनों धामों में रौनक कम होने लगी है। इसका सीधा असर यात्रा कारोबार पर दिखाई देने लगा है। यात्रा सीजन के अंतिम चरण में पहुंचने से पहले ही होटल-ढाबों से लेकर घोड़ा-खच्चर संचालकों और मजदूरों तक की चिंता बढ़ गई है।
सितंबर के बाद गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में प्रतिदिन 10 से 15 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे थे। इससे यात्रा कारोबार ने भी गति पकड़ ली थी लेकिन अब दोनों धामों में प्रतिदिन पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या घटकर महज चार से पांच हजार रह गई है। जानकीचट्टी से लेकर गंगोत्री यात्रा मार्ग तक कारोबार की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है।
यात्रियों के भरोसे चलने वाले होटल-ढाबों और अन्य व्यवसायों में काम कम होने लगा है। घोड़ा-खच्चर संचालकों को भी पहले जैसी बुकिंग नहीं मिल रही है। वहीं, कामकाज घटने के चलते यात्रा मार्ग पर रोजगार करने पहुंचे मजदूर अब धीरे-धीरे अपने घरों को लौटने लगे हैं।
कारोबारियों को श्राद्ध पक्ष के बाद नवरात्र में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन अपेक्षित संख्या में श्रद्धालु नहीं पहुंचने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। अब कारोबारियों की निगाहें नवरात्र पर टिकी हैं। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल और तीर्थ पुरोहित राहुल उनियाल ने कहा कि यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है।