मार्ग संकरा होने से आए दिन बनी रहती है दुर्घटना की आशंका
पुरोला। नौगांव-पुरोला-मोरी-त्यूणी मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने और इसके चौड़ीकरण की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह मार्ग बढ़ते यातायात के मुकाबले आज भी कई स्थानों पर संकरा है जिससे दुर्घटना और जाम की समस्या बनी रहती है। उन्होंने सरकार से जल्द सड़क विस्तार और राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क का निर्माण 70 के दशक में हुआ था जब इसकी चौड़ाई काफी कम थी। बाद में उत्तर प्रदेश शासन के दौरान तत्कालीन पर्वतीय विकास मंत्री बर्फिया लाल जुवांठा के प्रयासों से मार्ग का आंशिक चौड़ीकरण कराया गया लेकिन उसके बाद सड़क का व्यापक विस्तार नहीं हो सका।
उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में विकासनगर से नौगांव तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल कर मानकों के अनुरूप चौड़ीकरण और डामरीकरण किया गया जबकि नौगांव से पुरोला, मोरी होते हुए त्यूणी तक का मार्ग आज भी कई स्थानों पर अत्यंत संकरा है। बलदेव रावत, राजपाल पंवार, गोविंद पंवार और नवीन गैरोला सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मार्ग देहरादून, पुरोला, मोरी व हिमाचल प्रदेश को जोड़ने के साथ-साथ हरकीदून, केदारकांठा और चांईशील बुग्याल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है।
पर्यटन सीजन में सड़क पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश से सेब से लदे भारी वाहन भी इसी मार्ग से देश की विभिन्न फल मंडियों तक पहुंचते हैं जिससे सड़क का व्यापारिक महत्व भी काफी बढ़ जाता है।