10 सूत्री मांगों पर 16 सितंबर को प्रदेशभर में करेंगे प्रदर्शन
पुरोला। गांवों की सरकार के धैर्य का बांध अब टूटने लगा है। प्रदेश प्रधान संगठन की 10 सूत्री मांगों पर चार माह बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्राम प्रधानों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। पुरोला ब्लॉक प्रधान संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो 16 सितंबर को प्रदेशभर के ब्लॉक मुख्यालयों पर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में प्रधानों ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे निचली और महत्वपूर्ण कड़ी है लेकिन पर्याप्त अधिकार, संसाधन और वित्तीय व्यवस्था के अभाव में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने ग्राम प्रधानों का मासिक मानदेय 20 हजार रुपये करने, पंचायत सदस्यों को मानदेय देने और ग्राम पंचायतों की राज्य एवं केंद्रीय वित्त की धनराशि बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई है।
प्रधानों ने मनरेगा और वीबीजी-रामजी योजना में श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन करने, कुशल-अकुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने, पंचायतों को अधिक अधिकार देने और जिला योजना के प्रस्ताव ग्राम सभाओं से पारित कराने की मांग भी रखी है। इसके साथ प्रधानों के स्वास्थ्य व जीवन बीमा, पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता, ग्राम प्रधान निधि और 10 लाख रुपये तक के विकास कार्यों में ग्राम पंचायत को कार्यदायी संस्था बनाने की मांग शामिल है।
ज्ञापन देने वालों में प्रधान संगठन ब्लॉक पुरोला के अध्यक्ष त्रिलोक बिजलवाण, प्रमोद रावत, मनमोहन सिंह, बलवंत पंवार, किरण ज्याड़ा, कुलवंती, विजय प्रसाद, जगबीर राणा, सुंदर लाल आदि मौजूद थे।