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Uttarkashi News: उत्तरकाशी के मरीजों को राहत देने लाई मशीन खुद हुई बीमार

Tue, 03 Feb 2026 06:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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जिला अस्पताल में धूल फांक रही तीन करोड़ की लिथोट्रिप्सी मशीन
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लोग पथरी के इलाज के लिए लगा रहे हैं देहरादून व ऋषिकेश की दौड़
उत्तरकाशी। जिला अस्पताल में करीब आठ वर्ष पूर्व पथरी के इलाज के लिए लाई गई मशीन का संचालन नहीं होने के कारण अब वह चलन से बाहर हो गई है। ऐसे में अस्पताल में पथरी के मरीजों को उचित उपचार नहीं मिलने के कारण उन्हें देहरादून से ऋषिकेश की की 190 से 250 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है।
वर्ष 2019 में जिला अस्पताल की ओर से तीन करोड़ की लागत से लेजर पद्धति से किडनी स्टोन के इलाज के लिए लिथोट्रिप्सी मशीन खरीदी गई थी। अस्पताल में मशीन की स्थापना से गंभीर किडनी स्टोन से पीड़ित मरीजों में बेहतर उपचार की उम्मीद जगी थी लेकिन मशीन के संचालन को स्पेशलिस्ट डॉक्टर ही तैनात नहीं हो पाया।
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इसके चलते आज भी किडनी स्टोन के गंभीर मरीजों को पथरी के ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर की दौड़ लगानी पड़ती है। अब स्थिति ये हो गई है कि मशीन का प्रयोग न होने के कारण इसके कई पार्ट्स खराब हो गए हैं। आज तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसके प्रयोग के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है।
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व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष व यूकेडी नेता विष्णुपाल सिंह रावत का कहना है कि उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में लीथोट्रिप्सी मशीन तो उपलब्ध करवाई लेकिन मशीन का रखरखाव एवं ऑपरेटर के अभाव के कारण आज यह करोड़ों की मशीन मरीजों के काम नहीं आ रही। इस संबंध में सीएमएस डॉ. पीएस पोखरियाल का कहना है कि जिला अस्पताल में मशीन को ऑपरेट करने के लिए सर्जन डॉक्टर नहीं है। मशीन को स्थापित हुए कई साल हो गए हैं और अब यह पुरानी हो चुकी है। इसके काम में आना अब लगभग मुश्किल है।
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