वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने से फैल गई है धुंध, बारिश-बर्फबारी नहीं होने से हो रही दिक्कत
उत्तरकाशी। शीतकाल में सूखा होने के कारण जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में वनाग्नि विकराल रूप ले रही है। उत्तरकाशी वन प्रभाग के तहत बाड़ाहाट, मुखेम, धरासू, डुंडा, टकनौर आदि रेंजों में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने के कारण जनपद मं धुंध फैली हुई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर बारिश बर्फबारी नहीं होती है तो यह भविष्य में विकराल रूप ले सकती है। साथ ही मानसून सीजन में यह बड़ा खतरा बन सकता है।
बाड़ाहाट रेंंज के तहत गणेशपुर सहित वरुणावत पर्वत पर बीते बुधवार देर रात्री से भीषण आग फैली हुई है। इस कारण वहां पर वन संपदा को नुकसान हो रहा है। करीब 12 घंटे बीत जाने के बाद भी गणेशपुर और गर्मपानी के ऊपर जंगलों में आग नहीं बुझ पाई है। दूसरी ओर वरुणावत की पहाड़ी पर बीते बुधवार देर रात को वन विभाग के कर्मचारी आग बुझाने में सफल हुए लेकिन बृहस्पतिवार दोपहर बाद एक बार फिर पहाड़ी के जंगलों में आग फैल गई है।
इस वर्ष शीतकाल में बारिश और बर्फबारी न होने के कारण सूखे जंगलों में हल्की सी चिंगारी भी विकराल आग का रूप ले रही है। दूसरी ओर टकनौर क्षेत्र में गंगोत्री हाईवे के आसपास के जंगलों में लगी आग के कारण पहाड़ी से कई बार अचानक पत्थर गिर रहे हैं। इससे वाहनों की आवाजाही में भी खतरा बना हुआ है।
वन विभाग अब पूरी तरह मौसम पर ही निर्भर हो गया है। क्योंकि अगर बारिश नहीं होती है तो सूखे के कारण वनाग्नि की घटना विकराल हो सकती है। डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी लगातार आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर जल्द ही बारिश नहीं होती है तो यह बहुत विकराल रूप ले सकती है।