भैयादूज के दिन मां यमुना के मंदिर के कपाट हो जाएंगे बंद, तैयारी पूरी
उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के प्रथम दो तीर्थ यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में दीपावली पर्व धूमधाम से मनाया गया। साथ ही दोनों धामों के कपाट बंद होने की तैयारियां शुरू हो गई है। 22 अक्तूबर को 11.36 बजे गंगोत्री में मां गंगा मंदिर के कपाट शीतकालीन के लिए बंद किए जाएंगे। वहीं भैयादूज पर 23 अक्तूबर को यमुनोत्री में मां यमुना मंदिर के कपाट 12.30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति के दर्शन खरसाली और गंगा के उत्सव मूर्ति के दर्शन मुखबा गांव में होंगे।
कार्तिक माह की अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) के दिन मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना होगी। कपाट बंद होने का समय तय होने पर तीर्थ पुरोहितों व यात्रा कारोबारियों ने धामों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। वहीं अगस्त में धराली आपदा के चलते यात्रा पर असर पड़ा था। वहीं अब शीतकाल में भी यात्रा ठीक चले अब इस पर कारोबारियों की उम्मीद टिकी है। यात्रा से जुड़े कारोबारी आशीष सेमवाल, विनय उनियाल ने बताया कि सर्दियों में भी यमुना व गंगा के शीतकालीन पड़ाव वाले खरसाली और मुखबा गांव तक यात्रा चालू रखकर देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को यहां आकर्षित किया जा सकता है। उस दौरान तीर्थयात्री व पर्यटक यमुना और गंगा की पूजा-अर्चना करने के साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देख सकेंगे।