उत्तरकाशी। बड़ेथी-मनेरा बाईपास मार्ग पर मानसून काल में आया भूस्खलन का मलबा डेढ़ माह बाद भी नहीं हट पाया है। यह मलबा मनेरा क्षेत्र में आधी सड़क तक फैला हुआ है, लेकिन विभाग मलबा हटाने की जहमत नहीं उठा रहा है। मलबा नहीं हटने से दोपहिया और चौपहिया वाहन जोखिम के बीच आवागमन करने को मजबूर है।
जिला मुख्यालय में करीब 9.5 किमी लंबा बड़ेथी-मनेरा-तेखला मोटर मार्ग चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग है। मार्ग नगर पालिका क्षेत्र मनेरा को जोशियाड़ा और बाजार क्षेत्र से जोड़ता है। वहीं, इस मोटर मार्ग से मनेरा स्थित केंद्रीय विद्यालय सहित अन्य विद्यालय के छात्रों की स्कूल बसें भी आवागमन करती है।
मानसून काल में मनेरा क्षेत्र में पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण सड़क पर करीब चार से पांच जगह भूस्खलन का मलबा आया था, लेकिन यह मलबा अब तक नहीं हट पाया है। इससे स्कूली बसों सहित बच्चों को दोपहिया व चौपहिया वाहनों से स्कूल छोड़ने व लेने जाने वाले अभिभावकों को जोखिम के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। अभिभावक आशीष मिश्रा, धर्मेंद्र, सुरेंद्र, सचेंद्र व संतोष का कहना है कि विभागीय लापरवाही के चलते यहां हादसे को न्योता मिल रहा है, लेकिन कई बार अवगत कराने के बाद भी विभाग बाईपास मार्ग पर मानसून काल में आया मलबा हटाने को तैयार नहीं है।
ट्रैफिक डायवर्ट करने में काम आता है मार्ग
शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर यह बाईपास मार्ग पुलिस के लिए ट्रैफिक डायवर्ट करने के काम आता है। वीवीआईपी मूवमेंट में भी पुलिस ट्रैफिक को इसी मार्ग से डायवर्ट करती है, लेकिन भूस्खलन का मलबा नहीं हटने से यहां ट्रक और बस के लिए आवागमन सबसे ज्यादा जोखिमभरा बना हुआ है। बावजूद इसके मार्ग से विभाग मलबा हटाने को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
जेसीबी जखोल में काम के लिए गई थी, जो बाद में खराब हो गई। इसके बाद भी ट्रक भी खराब हो गया था। दोनों की मरम्मत करा ली गई है। जल्द ही बाईपास मार्ग पर मनेरा क्षेत्र में आया भूस्खलन का मलबा हटा दिया जाएगा।
-अनदीप राणा, अधिशासी अभियंता लोनिवि भटवाड़ी।