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Uttarkashi News: हर्षिल में उफनाई तेलगाड नदी, मलबे में दबा निर्माणाधीन पुल सामग्री

Fri, 03 Jul 2026 07:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
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ह​र्षिल में तेलगाड उफान में आने के कारण मलबे में दबी पुल निर्माण समाग्री। स्रोत जागरूक पाठक
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गंगोत्री हाईवे तक पहुंचा मलबा, पुल की निर्माणाधीन दीवारों को भी हुआ नुकसान
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गत वर्ष तेलगाड के मुहाने पर भूस्खलन से बनी झील है यथावत
उत्तरकाशी। हर्षिल घाटी में बीते बृहस्पतिवार रात में हुई बारिश के कारण तेलगाड नदी उफान पर आ गई है जिससे मलबा गंगोत्री हाईवे तक पहुंचने से पुल निर्माण के लिए रखी सामग्री मलबे में दब गई है। साथ ही वहां पर पुल की निर्माणाधीन दीवारों को भी नुकसान हुआ है। हालांकि हाईवे पर वैकल्पिक अस्थायी पुल से आवाजाही सुचारू है। दूसरी ओर गत वर्ष तेलगाड के मुहाने पर हुए भूस्खलन के कारण बनी झील भी यथावत बनी हुई है।
भागीरथी नदी के बाद अब तेलगाड नदी का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल के लोग भयभीत हैं। पहले भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल के आबादी वाले क्षेत्र में कटाव शुरू होने के साथ ही पेड़ों के गिरने का खतरा बना है। वहीं दूसरी ओर बीती बृहस्पतिवार को क्षेत्र में हुई बारिश के कारण तेलगाड भी उफान पर आ गई।
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पानी के साथ मलबा बह कर आने से बीआरओ ने पुल निर्माण के लिए जो सामग्री रखी थी वह दब गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गत वर्ष भी तेलगाड के मुहाने पर भूस्खलन के कारण झील बन गई थी। आगामी बरसात में वह भी बड़ा खतरा बन सकता है। क्योंकि गत वर्ष भी तेलगाड में आई आपदा में सेना के जवान बह गए थे। साथ ही भागीरथी में झील बन गई थी।
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इस बार भी मानसून सीजन शुरू होते ही तेलगाड में बढ़ता जलस्तर खतरे को न्योता दे रहा है। क्योंकि दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण अब सुरक्षा कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। नदी में मात्र एक ही जेसीबी कार्य कर रही है। डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि तेलगाड के मुहाने पर बनी झील का निरीक्षण करवाया गया था। वह यथावत है। हर्षिल की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग की ओर से कार्य किया जा रहा है।
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