उच्चीकरण को लेकर वर्षों बाद भी नहीं हो पाई कार्रवाई
उत्तरकाशी। जनपद में यमुनाघाटी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरोला और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी के उच्चीकरण को लेकर वर्षों बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। सरकार की ओर से इन दोनों अस्पतालों को उप जिला चिकित्सालय के रूप में उच्चीकृत करने की योजना थी, लेकिन घोषणाओं तक सिमट कर रह गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी की बात करें तो यह चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव सहित तहसील मुख्यालय का मुख्य अस्पताल है, लेकिन इसके उच्चीकरण की अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। अस्पताल पर करीब 60 गांवों के साथ चारधाम यात्रा के दौरान यात्री निर्भर रहते हैं, लेकिन अभी तक अस्पताल में चार से पांच बेड से ऊपर की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।
प्रदेश सरकार ने इसको चारधाम यात्रा के दृष्टिकोण से पीएचसी भटवाड़ी को केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत उप जिला चिकित्सालय बनाने की योजना तो तैयार की, लेकिन योजना के तहत अभी तक को भी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है। वहीं तीन वर्ष पूर्व सीएचसी पुरोला को उप जिला चिकित्सालय के रूप में उच्चीकृत करने के लिए तीन वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, लेकिन उस पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
उच्चीकरण तो छोड़िए अस्पताल में नियमानुसार पूरे 30 बेड भी नहीं है। अस्पताल पर मोरी, पुरोला सहित सर बडियार क्षेत्र के सैकड़ों गांव के लोग निर्भर हैं। इस स्थिति से अंदेशा लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मात्र दावे ही करती है, जबकि धरातल पर कुछ भी नहीं दिख रहा है।
उप जिला चिकित्सालय का इंतजार चिन्यालीसौड़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भी उप जिला चिकित्सालय बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव पर होने के बावजूद आज तक यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। सिलक्यारा सुरंग हादसे के दौरान भी सीएचसी चिन्यालीसौड़ की भूमिका अहम रही थी।
पुरोला में अस्पताल के पास उप जिला चिकित्सालय के लिए भूमि उपलब्ध है। वहां पर स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ओर से जल्द ही संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जल्द ही आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। वहीं भटवाड़ी में भी अस्पताल भवन के निर्माण के लिए भूमि तलाशी जा रही है।
- डॉ. आरसी आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी, उत्तरकाशी।