छात्रा ने प्राचार्य व एसडीएम को पत्र सौंपकर की मामले की जांच की मांग
पुरोला। बीएल जुवांठा पीजी कॉलेज में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की एमए प्रथम सेमेस्टर परीक्षा के अंतिम प्रश्नपत्र के दौरान पहचान पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। एक छात्रा को वैध पहचान पत्र नहीं होने के आधार पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश से रोक दिया गया। छात्रा ने महाविद्यालय प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्राचार्य व एसडीएम पुरोला को पत्र सौंपकर मामले की जांच की मांग की है।
शिकायत के अनुसार मंगलवार को अंतिम प्रश्नपत्र की परीक्षा में छात्रा नीलम को प्रवेश नहीं दिया गया। छात्रा का आरोप है कि जिस पहचान पत्र के आधार पर वह एमए प्रथम सेमेस्टर के पहले तीन प्रश्नपत्रों की परीक्षा दे चुकी थी उसी पहचान पत्र को अंतिम दिन अचानक अमान्य बताते हुए उसे परीक्षा से वंचित कर दिया गया।
उनका कहना है कि यदि पहचान पत्र मान्य नहीं था तो पहले ही दिन आपत्ति जताई जानी चाहिए थी। अंतिम पेपर में परीक्षा से रोकना उनके साथ अन्याय है। छात्रा ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, महाविद्यालय के परीक्षा समन्वयक कृष्णदेव रतूड़ी ने छात्रा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा के समय उसके पास उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित वैध पहचान पत्र नहीं था।
विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देश साफ हैं कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि परीक्षा नियम सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होते हैं और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती। अब मामले को लेकर छात्रा और महाविद्यालय प्रशासन आमने-सामने हैं।