जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई चाइल्ड हेल्पलाइन समिति की बैठक में बच्चों के साथ बढ़ते अपराध व गायब होने की घटनाओं को रोकने पर जोर दिया गया। डीएम ने कहा कि जो बच्चे गंभीर रोगों से ग्रस्त हैं, उनका इलाज यथासंभव किया जाए।
जिला सभागार में भुवनेश्वरी महिला आश्रम की पहल पर आयोजित बैठक में डीएम श्रीवास्तव ने बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने पर अधिक जोर दिया। डीएम ने बैठक में अनुपस्थित समिति के सदस्य, मुख्य शिक्षाधिकारी, ईओ को स्पष्टीकरण के लिए सीडीओ को निर्देश दिए।
भुवनेश्वरी महिला आश्रम के अध्यक्ष गोपाल थपलियाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चाइल्ड लाइन की जानकारी दी। डीएम ने चाइल्ड लाइन से जुड़े संबंधित विभाग को संबंधित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए जिला अस्पताल में 22 फरवरी को कैंप लगाने को कहा।
बैठक में ब्रह्मखाल के 11 वर्षीय बालक की यूरिन की समस्या का मामला प्रकाश में आने पर डीएम ने आरबीएस के मैनेजर बैठक के बाद ब्रह्मखाल जाकर बालक की स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा। एक सप्ताह के भीतर बालक को इलाज के लिए देहरादून में डाक्टर के पास दिखाने के भी निर्देश दिए।
भुवनेश्वरी महिला आश्रम के पास 721 केस में से 510 मामलों का निस्तारण किया गया है, जबकि 211 मामलों में कार्रवाई चल रही है। बैठक में सीडीओ उदय सिंह राणा, कार्यक्रम अधिकारी मोहित चौधरी, गोपाल थपलियाल, नागेंद्र आदि मौजूद थे।