सर्वसम्मति से विजय बहादुर रावत को बनाया गया अध्यक्ष
उत्तरकाशी। चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति की बैठक में राज्य आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा हुई। बैठक में उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों और राज्य के संसाधनों पर पहला अधिकार सुनिश्चित करने के लिए मूल निवास 1950 की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग उठाई गई। वहीं, सर्वसम्मति से विजय बहादुर रावत को समिति का जिलाध्यक्ष चुना गया।
समिति के अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह रावत ने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए उन्होंने अपना जीवन और सर्वस्व न्योछावर किया। इसके बावजूद वर्षों से लंबित न्यायसंगत मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं। लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर सशक्त भू-कानून लागू करने, राज्य आंदोलनकारियों की सम्मान पेंशन बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तर्ज पर आंदोलनकारियों को ‘राज्य सेनानी’ का दर्जा देने की मांग की गई। वहीं, 31 दिसंबर 2021 से पहले तहसील और जिला स्तर पर जमा लंबित आवेदनों की जल्द स्क्रूटनी कर पात्र आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण करने की भी मांग की गई।
उन्होंने इस संबंध में डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। साथ ही दस दिन में मांगों को लेकर सकारात्मक निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र पोखरियाल, प्रताप सिंह चौहान, चतर सिंह राणा, कृतीनिधि सजवाण, खुशहाल सिंह बिष्ट, प्रताप सिंह चौहान, राजेंद्र प्रसाद, मोहनानंद बिजल्वाण, जगदीश प्रसाद आदि मौजूद रहे।