आपातकालीन समय और युद्ध व जंगली जानवरों के हमलों के समय किया जाएगा अलर्ट
करीब दो से तीन किमी के क्षेत्र के किया जा सकेगा अलर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से आपातकालीन समय और युद्ध व जंगली जानवरों के हमलों के समय स्थानीय लोगों को अलर्ट करने के लिए पांच आपातकालीन साइरन सिस्टम लगाए गए हैं। हर्षिल थाने सहित जनपद मुख्यालय और चिन्यालीसौड़, बड़कोट, पुरोला तहसील मुख्यालय में यह लगाए गए हैं। इससे स्टेशन के आसपास करीब दो से तीन किमी के क्षेत्र के लोगों को अलर्ट किया जा सकता है।
आपदा, भूकंप सहित सामरिक दृष्टिकोण से उत्तरकाशी जनपद बहुत ही महत्वपूर्ण है। यहां पर आपदाओं के दौरान हर बार वार्निंग सिस्टम व आपातकालीन साइरन व्यवस्था की मांग उठती रही है। इसको लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक निजि कंपनी की मदद से जनपद के पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर आपातकालीन साइरन सिस्टम की स्थापना की गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसांई ने बताया कि इस सिस्टम में युद्ध सहित आपदा, जंगली जानवरों से अलर्ट के लिए अलग-अलग साइरन व आवाज की व्यवस्था है। साथ ही इसके माध्यम से वाइस रिकॉडिंग के माध्यम से भी लोगों को अलर्ट किया जा सकता है। कहा कि इसकी क्षमता करीब दो से तीन किमी की दूरी वाले क्षेत्रों में है। युद्ध व आपदा को देखते हुए इसे सीमांत हर्षिल थाने में आपातकालीन साइरन सिस्टम लगाया गया है। साथ ही उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय में कलेक्ट्रेट परिसर, चिन्यालीसौड़ सहित बड़कोट व पुरोला मे यह तहसील मुख्यालयों में लगाए गए हैं। यह सबसे अधिक आपदा के समय सहयोगी साबित होंगे।