चार धाम यात्रा शुरू होने में कम ही दिन शेष रहने के कारण आजकल यमुनोत्री हाईवे को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। कम समय में काम पूरा करने की आड़ में मानकों का धड़ल्ले से उल्लंघन किया जा रहा है।
सड़क निर्माण के लिए जगह-जगह अवैध खनन हो रहा है और सड़क चौड़ीकरण का मलबा यमुना नदी एवं अन्य गाड गदेरों में उड़ेला जा रहा है। जिम्मेदार विभागों की चुप्पी भविष्य में आपदा को न्योता देने वाली है।
राड़ी से लेकर यमुनोत्री तक सड़क पर चल रहे निर्माण कार्यों के लिए अवैध खनन कर पत्थर निकाले जा रहे हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। फूलचट्टी के पास तो राजमार्ग के ही एक हिस्से से खनन कर पत्थर निकाले जा रहे हैं। जिससे राजमार्ग के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
अवैध खनन के अलावा हाईवे चौड़ीकरण का मलबा निस्तारित करने में भी मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है। नौगांव से बड़कोट और दोबाटा के पास सड़क का मलबा सीधे यमुना नदी और गाड-गदेरों में उड़ेला जा रहा है, जिससे नदियों का प्रवाह पथ प्रभावित होने से भविष्य में आपदा का खतरा है। वन पंचायत सरपंच रणवीर राणा ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसमें मानकों का ध्यान रखना जरूरी है। अवैध खनन और नदियों में मलबा उड़ेलने से आपदा का खतरा बढ़ रहा है।
अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित रेंज अधिकारियों को इस पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मैं स्वयं भी स्थलीय निरीक्षण कर इसका जायजा लूंगा। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीके सिंह, डीएफओ, अपर यमुना वन प्रभाग।
ठेकेदारों को निर्धारित डंपिंग जोन में मलबा डंप करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध खनन के बजाय सही जगह से निर्माण सामग्री लाने को कहा गया है। इसे दिखवा कर कार्रवाई की जाएगी।
नवनीत पांडे, ईई, राजमार्ग निर्माण खंड बड़कोट।