गांव के लिए सड़क निर्माण की स्वीकृति तो मिली, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी तो अधिकारियों ने फिलहाल आश्वासन की घुट्टी पिलाकर मामला शांत कर लिया है, लेकिन ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क का काम शुरू न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रखंड के गढ़वालगाड गांव तक सड़क पहुंचाने की मांग वर्षों से की जा रही है। कुछ साल पहले लोनिवि ने स्वीकृति मिलने पर गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए सर्वेक्षण कर आगणन तैयार किया, लेकिन इस दौरान गांव की आबादी करीब दो हजार पहुंचने और सरकारी मापदंडों में बदलाव के चलते यह सड़क पीएमजीएसवाई को सौंप दी गई। वर्ष 2014 में पीएमजीएसवाई ने मणी से गढ़वालगाड तक 9.625 किमी लंबी सड़क के लिए सात करोड़ की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी। सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद भी यह सड़क अन्य स्वीकृतियों के इंतजार में लटकी पड़ी है।
गांव की प्रधान सिंदा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सोना देवी आदि पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकारी तंत्र ग्रामीणों के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। हर बार मांग करने पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। इस बार ग्रामीणों ने गांव की सड़क का काम शुरू न होने पर 25 दिसंबर को गंगोत्री हाईवे पर जाम का ऐलान किया था। अब एसडीएम और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने मार्च माह से काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है। इसके बाद भी यदि काम शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
गढ़वालगाड सड़क का प्रस्ताव तैयार कर विधिवत स्वीकृति के लिए मुख्य अभियंता के पास भेजा गया है। इसके बाद भारत सरकार से अंतिम स्वीकृति मिलने पर मार्च माह से सड़क का काम शुरू करा दिया जाएगा।
- राजकुमार, ईई पीएमजीएसवाई, उत्तरकाशी।
चिन्यालीसौड़ से गंभीरपाल परमार।