नौगांव (उत्तरकाशी)। नगर पंचायत में चालीस वर्षों से संचालित जनपद की सबसे बड़ी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से उपभोक्ताओं को अभी तक अप्रैल, मई और जून का राशन नहीं मिल पाया है। नियमानुसार अप्रैल माह में ही तीन महीने के राशन का आवंटन हो जाना चाहिए था लेकिन विभाग अभी तक राशन आबंटन की नई व्यवस्था नहीं बना पाया है।
तीन माह का करीब साढ़े सात सौ क्विंटल गेहूं, चावल अभी भी डामटा गोदाम में पड़ा है। साथ ही उपभोक्ता लगातार राशन बांटने की मांग कर रहे हैं। राशन आवंटन की नई व्यवस्था नहीं होने से सरकारी स्कूलों में पहुंचने वाले एमडीएम के राशन पर भी असर पड़ रहा है। दुकान के संचालनकर्ता की ओर से अप्रैल में अस्वस्थता का हवाला दे कर दिया था इस्तीफा
विभाग अभी तक राशन बांटने की नई व्यवस्था नहीं बना पाया है जिससे उपभोक्ताओं में आक्रोश है। नगर पंचायत में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान जनपद की सबसे बड़ी दुकान है। इससे 16 ग्राम पंचायतें जुड़ी हैं जिन्हें प्रति माह करीब ढाई सौ कुंतल गेंहू और चावल का आवंटन किया जाता है। जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी का कहना है कि कई उपभोक्ता उनसे राशन न मिलने की शिकायत कर चुके हैं। अभी तक राशन आवंटन की व्यवस्था न होना विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल है।
डीएसओ आशीष कुमार का कहना है कि पूर्व में दुकान का संचालन कर रहे संचालनकर्ता का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। नई दुकान के संचालन के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। इस माह के अंत तक व्यवस्था बना कर उपभोक्ताओं को तीन माह के राशन का आवंटन कर दिया जाएगा।