उत्तरकाशी। रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में बुधवार को राम-रावण युद्ध का रोमांचक मंचन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। लंबे समय तक चले युद्ध के बाद भगवान राम ने रावण का वध किया।
इसके साथ ही मैदान में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच रामभक्तों ने असत्य पर सत्य की जीत का उत्सव मनाया। रामलीला और पुतला दहन देखने के लिए मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक जुटे।
आदर्श रामलीला समिति की ओर से आयोजित मंचन में रावण के विभिन्न रूपों और युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित किया। रावण वध के बाद विभीषण के राज्याभिषेक तथा भगवान राम, लक्ष्मण और सीता की अयोध्या वापसी के प्रसंग का मंचन किया गया। पुतला दहन के दौरान आतिशबाजी से रामलीला मैदान उत्सव के रंग में रंग गया।
इससे पूर्व समिति की ओर से महिला पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और महिला पात्रों को उत्तरकाशी गौरव नारी शक्ति वंदन सम्मान से सम्मानित किया गया।
साथ ही सुप्रसिद्ध चित्रकार मुकुल बड़ोनी को उनकी उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए उत्तराखंड गढ़ गौरव सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, रामलीला समिति में उल्लेखनीय योगदान के लिए चिरंजी सिंह नेगी को उत्तरकाशी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष डॉ. जयेंद्र सिंह पंवार, शांति प्रसाद भट्ट, अरविंद सिंह राणा, भूपेंश कुडियाल, जयप्रकाश भट्ट, केसर सिंह सवाण आदि मौजूद रहे।