एक होमगार्ड के भरोसे हो रहा है चौकी का संचालन
ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए स्थापित चौकी की उपयोगिता पर उठाए हैं सवाल
बड़कोट। बनाल और ठकराल पट्टी के दर्जनों गांवों की सुरक्षा के लिए राजगढ़ी में स्थापित पुलिस चौकी दो साल बाद भी बदहाल व्यवस्थाओं से जूझ रही है। चौकी में न बिजली है, न पानी और न ही पर्याप्त पुलिसकर्मी नियुक्त हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौकी का संचालन महज एक होमगार्ड के भरोसे चल रहा है। ऐसे में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए स्थापित चौकी की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं।
राजगढ़ी में पुलिस चौकी खोलने की मांग अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय से उठती रही है। बड़कोट कोतवाली क्षेत्र की बनाल और ठकराल पट्टी के दर्जनों गांवों के बीच स्थित राजगढ़ी को इसके लिए उपयुक्त स्थान माना गया। लंबे इंतजार के बाद करीब दो वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में चौकी स्थापित तो कर दी गई लेकिन इसके संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं आज तक नहीं जुटाई जा सकी हैं।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि चौकी खुलने से क्षेत्र में पुलिस की पहुंच बढ़ेगी और ग्रामीणों को सुरक्षा के साथ आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सकेगी लेकिन बिजली-पानी और पर्याप्त पुलिस बल के अभाव में इन उम्मीदों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र के वरिष्ठ निवासी जगमोहन सिंह राणा सहित स्थानीय लोगों ने चौकी में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की है। वहीं, इस संबंध में एसपी और सीओ बड़कोट से फोन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। पुलिस क्षेत्राधिकारी चंचल शर्मा ने कहा कि अभी उक्त चौकी विधिवत ढंग से अभिलेखों में नहीं आई है। अभिलेखों में आने के साथ ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।