शुक्रवार रात्री को हुई भारी बारिश के कारण उत्तरकाशी लाटा के समीप पचास मीटर क्षतिग्रस्त हुआ गंगोत्री हाईवे।
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शुक्रवार रात हुई भारी बारिश ने गंगाघाटी के लोगों की नींद उड़ा दी। कुमाल्टी, असी गंगा और लाटा के दोनों ओर के गदेरों में आए उफान से पायलट बाबा आश्रम का एक भवन सहित इसके आसपास कई दुकान व घरों को नुकसान पहुंचा है। असी गंगा में उफान आने से एक आरसीसी पुलिया धंसने के साथ ही तीन किमी सड़क तबाह होने से गजोली, भंकोली क्षेत्र के सात गांव के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। डोडीताल में कई पर्यटकों के फंसे होने की सूचना आ रही है।
लाटा में धनवीर की गोशाला में मलबा आने से उसमें बंधी गाय दब कर मर गई। त्रेपन सिंह, जगत सिंह, प्रताप, जयेंद्र व रामचंद्र व्यास के मकान गदेरे के कटाव के कारण खतरे में हैं। मदन सिंह का ढाबा बहने से इसमें रखे सामान सहित गांव वालों के रखे कई रसोई गैस सिलेंडर भी गदेरे में बह। मल्ला में महीपाल जोगटा का मकान मलबे से दब गया है।
कुमाल्टी में मनेरी-जखोल रोड का मलबा गदेरे में उडे़लने से गदेरे का तल ऊंचा होने से संतोष के होटल का एक हिस्सा बह गया। अरविंद की दुकान के कमरे में पानी घुसने से उसमें रखा सामान बर्बाद हो गया। प्रीतम सिंह के होटल की बुनियाद कटाव से कट गई हे। भंकोली में भजन सिंह का मकान भूधंसाव से क्षतिग्रस्त हो गया। मनेरी सिलकुरा गदेरे के उफान से पूरी बस्ती खतरे की जद में आ गई है।
दुकानों व घरों में घुसा मलबा
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे से लगे पुजार गांव के पास मलबा पानी आधा दर्जन घरों एवं व्यवसायिक भवनों में घुसा गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार मुकेश रमोला मौके पर पहुंचे।
मलबा पानी आने से यमुनोत्री राजमार्ग भी 12 बजे तक पुजार गांव के पास बंद रहा। आधी रात को पुजार गांव पाली गाड के ऊपर भारी बारिश से आया मलबा व पानी राजमार्ग से लगे होटल व घरों में घुस गया।