बुधवार को जिला मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य हिस्सों में चटक धूप खिली रही। फ्लावरिंग सीजन में बारिश और ओलावृष्टि को फसलों के लिए नुकसानदायक माना जा रहा है।
बुधवार को दोपहर बाद जिला मुख्यालय के आसपास गरज के साथ बारिश होने से मौसम खुशगवार हो गया। बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जबकि रवाईं घाटी समेत जिले के अन्य हिस्सों में धूप खिली रही।
बारिश की जरूरत के समय सूखा और अब असमय बारिश को फसलों के लिए नुकसानदायक माना जा रहा है। गेहूं की फसल पहले ही सूखे की मार की चपेट में हैं। फ्लावरिंग सीजन में बारिश और ओलावृष्टि मसूर, चना आदि फसलों के साथ ही सेब, आड़ू आदि फलों के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के प्रभारी डा. वीके सचान ने बताया कि इस वर्ष सर्दियों में अपेक्षित बर्फबारी नहीं होने से सेब की चिलिंग रिक्वायरमेंट पूरी नहीं हो पाई है और समय से पहले फ्लावरिंग शुरू हो गई है। इस समय बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं सेब उत्पादन प्रभावित करेंगी। इस समय की बारिश से खेतों में लगी फसलों को फायदा कम और नुकसान ज्यादा है। हां खेतों को नमी मिलने से किसानों को अगली फसल बुआई में सुविधा होगी।