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उत्तरकाशी पुरोला विधानसभा क्षेत्र: विधायक निधि तो जमकर खर्च, ग्रामीण फिर भी सुविधाओं से है वंचित

Mon, 19 Oct 2026 02:51 PM IST
Renu Saklani विपिन नेगी, संवाद न्यूज एजेंसी. उत्तरकाशी

सार

उत्तरकाशी के पुरोला विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठ रहा है। रास्तों और सिंचाई नहरों का निर्माण अधूरा है, जबकि कई योजनाएं अब भी शुरू नहीं हो पाई हैं।
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पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल को वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक विधायक निधि में 1988.35 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसमें से विधायक ने अभी तक 1650.08 लाख रुपये खर्च किए हैं। 338.27 लाख रुपये की धनराशि अभी भी बची हुई है। क्षेत्र में कुल 1036 योजनाओं में से 772 पूरी हो चुकी हैं। 205 योजनाएं प्रगति पर हैं और 59 अभी शुरू भी नहीं हुई हैं।

विधायक दुर्गेश्वर लाल का दावा है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक धनराशि खर्च हुई है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी घोषणाएं तो पूरी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं पर अपेक्षित खर्च नहीं हुआ है। पुरोला क्षेत्र में रास्तों और सिंचाई नहरों का निर्माण अधूरा है। दूरस्थ मोरी क्षेत्र में भेड़पालकों के लिए संग्रह केंद्र जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं। पुरोला विधानसभा में वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक अधिकांश योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। हालांकि वर्ष 2026-27 की 93 में से 59 योजनाएं अभी शुरू नहीं हुई हैं।

पुरोला विधानसभा में वर्ष 2022-23 में 218 में से 192 योजनाएं पूरी हो चुकी है। साथ ही 26 अभी प्रगति पर है। वर्ष 2023-24 में कुल 248 में से 201 पूरी और 47 प्रगति पर हैं। वर्ष 2024-25 में 235 में से 187 पूरी और 48 अभी प्रगति पर है। वर्ष 2025-26 में कुल 242 में से 192 पूरी और पचास अभी अधूरी हैं। वर्ष 2026-27 में से कुल 93 में से अभी 34 प्रगति पर हैं और 59 शुरू नहीं हो पाई है।

 

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पुरोला में उपजिला चिकित्सालय का भवन निर्माण जरूर हुआ है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के प्रयास नहीं हुए। क्षेत्र के कई गांव बदहाल सड़कों से जूझ रहे हैं। किसानों के लिए सिंचाई नहरें महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनके रखरखाव पर भी कोई प्रभावी पहल नहीं हुई। - श्यालिक राम नौटियाल, ग्रामीण

वर्तमान विधायक ने पशुपालकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित कार्य नहीं किए हैं। पशुपालक लंबे समय से भेड़ों की ऊन के लिए संग्रह केंद्र स्थापित करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कुछ नहीं हो सका है। भेड़ पालकों के लिए बीमा सुविधा, निशुल्क टीकाकरण, आधुनिक प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। - त्रेपन सिंह रावत, मोरी

व्यापार मंडल में विधायक की तरफ से व्यापारियों के हित मे एक रुपये का भी कार्य नहीं किया गया। जबकि विधानसभा चुनाव में व्यापारियों ने उन्हें ईमानदारी के साथ अपना पूरा समर्थन दिया था, तब उन्होंने व्यापारियों से विकास के बड़े वादे किए थे, जिन पर वह खरे नहीं उतरे, इस समय व्यापारियों में उनके प्रति गहरी नाराजगी है।- विपिन रमोला व्यापार मंडल अध्यक्ष नौगांव।

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मेरा मानना है कि मेरी विधानसभा में विधायक निधि सबसे अधिक खर्च हुई है। आंकड़े देने में कुछ गड़बड़ी डीडीओ कार्यालय स्तर से हुई है। बाकी बची हुई अवशेष डेढ़ करोड़ की धनराशि इसी माह के भीतर पूरी तरह खर्च हो जाएगी। - दुर्गेश्वर लाल, विधायक पुरोला विधानसभा।

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