सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत समय पर सूचना न देना सिंचाई विभाग के लोक सूचना अधिकारी को भारी पड़ा। आरटीआई कार्यकर्ता लोक सेवक संघ के संयोजक बुद्धि सिंह पंवार की ओर से डेढ़ साल तक निरंतर प्रयास करने पर राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना मुहैया कराने के साथ ही लोक सूचना अधिकारी अनुसचिव चंदन सिंह रावत पर 25 हजार का जुर्माना के आदेश दिए।
बता दें कि अगस्त 2012 की बाढ़ के बाद उत्तरकाशी में कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों में घटिया गुणवत्ता के आरोप लगे थे। गढ़वाल कमिश्नर की ओर से की गई जांच और आईआईटी रुड़की में हुई निर्माण सामग्री की सैंपल टेस्टिंग में गड़बड़ी की पुष्टि हुई थी।
इस संबंध में लोक सेवक संघ के संयोजक बुद्धि सिंह पंवार ने तीस अक्तूबर 2014 को सूचना का अधिकार के तहत जांच रिपोर्ट की सूचना मांगी थी। समय पर सूचना उपलब्ध कराने के बजाय अधिकारी उन्हें गुमराह करते रहे। यहां तक की अपील में वह अपना पक्ष न रख सकें। इसलिए उन्हें सुनवाई की तिथि गुजरने के बाद इसकी सूचना दी गई।
इसके बाद पंवार ने मामले को राज्य सूचना आयुक्त तक ले गए। बीते माह राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने पंवार के पक्ष को सही पाते हुए उन्हें तत्काल संबंधित सूचना मुहैया कराने के आदेश दिए।
साथ ही लोक सूचना अधिकारी अनुसचिव चंदन सिंह रावत पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पंवार ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में हुए घोटाले को उजागर करने के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। अब यह सूचनाएं मिलने से उनका दावा और मजबूत होगा। उन्होंने जनपद में कराए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।