बनचौरा आईटीआई का सामान अन्य जगह शिफ्ट करने के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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बनचौरा स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में मौजूद सामान को अन्यत्र शिफ्ट का लोगों ने पुरजोर विरोध किया। आक्रोशित लोगों ने आईटीआई परिसर में विरोध प्रदर्शन कर सामान शिफ्ट करने के कार्य को रुकवाया। साथ ही संस्थान को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता दिलाने और एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
मंगलवार को आईटीआई बनचौरा के नवनिर्मित भवन में मौजूद फर्नीचर आदि सामान को विभागीय कर्मचारियों द्वारा अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा था, जिसकी सूचना मिलते ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं अन्य ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। लोगों ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद बनचौरा क्षेत्र में आईटीआई की स्थापना की गई थी, लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते संस्थान में अभी तक एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसके विपरीत यहां मौजूद सामान को भी अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से जनभावनाओं को समझते हुए संस्थान में जल्द एडमिशन प्रक्रिया शुरू कराने और इसे राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्रदान करने की मांग की। ताकि ग्रामीण युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा मिल सके। मामले में प्रभारी प्रधानाचार्य आईटीआई निरंजन कुमार ने कहा कि दिसंबर माह में होने वाली परीक्षाओं के लिए आईटीआई बनचौरा से कुछ फर्नीचर आईटीआई उत्तरकाशी में शिफ्ट किया जा रहा था। जिसे ग्रामीणों के विरोध के चलते फिलहाल रोक दिया गया है। कोरोना महामारी के कारण एडमिशन प्रक्रिया में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। जल्द ही सभी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। विरोध जताने वालों में ग्राम प्रधान धारकोट अतुल रावत, ग्राम प्रधान मगाण गांव रीना देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य कुलबीर रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष परम नाथ, सुमन भट्ट, खेमराज रावत, नरेंद्र पवार, इंद्रपाल राणा, देवेंद्र नेगी, अतोल खरोला आदि लोग शामिल रहे।