दयारा बुग्याल में बुधवार को तीन वर्षों से बंद पड़ा बटर फेस्टिवल (अंढूड़ी उत्सव) का रंगारंग आगाज हुआ। उत्सव में स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भी जमकर दूध, दही, मक्खन की होली खेली। पर्यटन मंत्री ने रिबन काटकर उत्सव का शुभारंभ किया।
खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री हरीश रावत कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। आपदा के कारण तीन साल बाद दयारा पर्यटन विकास समिति की ओर से आयोजित अंढूड़ी उत्सव (बटर फेस्टिवल) फेस्टिवल को लेकर जनपदवासियों के साथ ही देश-विदेश से आए पर्यटकों में खूब उत्साह दिखाई दिया।
मंगलवार को ही रात एक हजार से अधिक लोग दयारा पहुंच गए थे। बुधवार दोपहर तक करीब चार हजार पर्यटक एवं स्थानीय लोग दयारा पहुंच चुके थे।
पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने रिबन काटकर उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि दयारा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने रैथल-दयारा रोपवे का काम शीघ्र शुरू करने, दयारा में शीतकालीन खेल करवाने, बेस कैंप गोई में मूलभूत सुविधाएं जुटाने की घोषणा की।
इसके बाद बुग्याल में दूध, मक्खन एवं दही की सब लोगों ने जमकर होली खेली। रैथल गांव की महिलाओं ने रासौं नृत्य की प्रस्तुति दी।
इस मौके पर विधायक विजयपाल सजवाण, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, पर्यटन सचिव उमाकांत पंवार, उप निदेशक पर्यटन पूनम चंद, ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार, समिति के अध्यक्ष मनोज राणा, डीएम इंदुधर बौड़ाई, एसपी जेआर जोशी, ग्राम प्रधान रैथल श्यामा देवी, रामचंद्र, प्रकाश रमोला, महेंद्र पोखरियाल आदि मौजूद थे।