यात्रा कारोबारियों के चेहरों पर लौटे रौनक
बड़कोट। शीतकालीन चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खुशीमठ गांव में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से यात्रा से जुड़े लोगों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है।
मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खुशीमठ में इस शीतकालीन यात्रा में अब तक एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन कर लिए हैं। वहीं, मुंबई से यहां शीतकालीन यात्रा पर श्रद्धालुओं का एक जत्था पहुंचा है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल, सचिव सुनील उनियाल ने कहा कि शीतकालीन श्रद्धालुओं की हर साल आवाजाही में इजाफा तो रहा है जो एक अच्छा संदेश है लेकिन यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पा रहा है।
हालात यह है कि सफाई व्यवस्था के नाम पर एक सफाई कर्मचारी भी तैनात नहीं है। उन्होंने बताया कि मंदिर समिति ने इस बार मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली पहुंचने वाले भक्तों के लिए निशुल्क जलपान की व्यवस्था की है। मुंबई से आए श्रद्धालुओं का जत्थे में शामिल गणेश ने बताया कि वे लोग शीतकालीन चारधाम यात्रा के लिए निकले हैं और यहां खुशीमठ में मां यमुना के दर्शन करने के बाद मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखीमठ, बाबा केदारनाथ के शीतकालीन प्रवास ऊखीमठ और फिर भगवान बदरीविशाल के शीतकालीन प्रवास ज्यातिर्मठ की यात्रा पर जाएंगे।