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हिमालय में बसे बौद्ध समुदाय के लोग देश की सीमाओं के प्रहरी

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उत्तराखंड के डुंडा में आयोजित उत्तराखंड बौद्ध सम्मेलन में मंचासीन अतिथि। - फोटो : UTTER KASHI
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ंडियन हिमालयन काउंसिल फॉर बुद्धिष्ठ ट्रेडिशन की ओर से डुंडा में आयोजित दो दिवसीय उत्तराखंड बौद्ध सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि जीएमवीएन निदेशक लोकेंद्र बिष्ट ने कहा कि बौद्ध धर्म अहिंसा और सद्भाव का संदेश देता है। हिमालयी राज्यों में बसे बौद्ध समुदाय के लोग देश की सीमाओं के सच्चे प्रहरी हैं।
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इंटरनेशनल बुद्धिष्ठ कंफेडरेशन के सहयोग से आयोजित सम्मेलन में सलाहकार गोविंद सिंह खंपा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्फीति, सिक्किम के गंगटोक, अरुणाचल प्रदेश के दिरांग में सम्मेलनों की कड़ी में यह चौथा सम्मेलन है। हिमालयन बुद्धिष्ठ कल्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष लामा छोत्सफेल जोत्सपा ने कहा कि भारत में रहने वाले बौद्ध धर्म के लोगों का देश की रक्षा में अहम योगदान है। कंफेडरेशन के महासचिव लामा डा. धम्मापिया ने गंगा के मायके में रहने वाले समुदाय के लोगों से गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के लिए कार्य करने की अपील की। ट्रेडिशन के सचिव मलिंग गोम्बो ने सम्मेलन की विस्तार से जानकारी दी।
इस मौके पर वीरपुर प्रधान सुनीता, बगोड़ी प्रधान सरिता रावत, पूर्व प्रधान भगवान सिंह, जयप्रकाश भट्ट, सोबनलाल, देशराज बिष्ट, नरेश रावत, कृष्णा राणा, यशपाल बिष्ट, प्रताप राणा, आनंद बौद्ध, भानु खांपा आदि मौजूद रहे।
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