24 घंटे यातायात की सुविधा के अनुसार एलिवेटेड मार्ग निर्माण की मांग कर रहे आंदोलनकारी
कण्वघाटी/किशनपुर। लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग निर्माण आंदोलन के तहत 156वें दिन भी लोग धरने पर डटे रहे। रविवार को धरने पर डटे प्रवीण थापा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद क्रमिक अनशन और रात्रि का धरना स्थगित कर दिया गया है। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक धरना निरंतर जारी रहेगा।
पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष देवेंद्र रावत ने सरकार और जनप्रतिनिधियों को चेताया कि अगर सरकार जल्द से जल्द एलिवेटेड रोड का निर्माण 24 घंटे यातायात के अनुसार सुनिश्चित नहीं करती, तो आमरण उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। कहा कि लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग मात्र 18 गांव और 40 हजार लोगों के लिए ही उपयोगी नहीं, बल्कि इस मार्ग से 6 विधानसभाओं के लगभग 5 से 7 लाख लोग सीधे लाभान्वित होंगे।
रविंद्र सौंद ने कहा कि लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग एलिवेटेड बनने से लालढांग, कोटद्वार ही नहीं गढ़वाल का भी विकास संभव हो सकेगा और जनता की बहुत पुरानी मांग पूरी हो सकेगी। प्रदर्शन में प्रकाश रावत, मधुसूदन नेगी, कृपाल सिंह गुसाईं, पीतांबर कपटियाल, देवीदत्त, नरेश धस्माना, गणेश रावत, मोहन जोशी, इंदु नौटियाल, दीपा अधिकारी, पुष्पा मेहरा, रेखा, अंजू आदि शामिल रहे।
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धरना भी दिया और जलाभिषेक भी किया
लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग के लिए आंदोलनरत लोगों ने धरना प्रदर्शन के साथ ही रविवार को महाशिवरात्रि पर्व होने के चलते मानदेवपुर मंदिर पहुंचकर जल चढ़ाया। वहीं, कुछ आंदोलनकारियों द्वारा कांवड़ यात्रा कर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया।