जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने में अभी समय लग सकता है। प्लांट के लिए आवश्यक मशीनें तो पहुंच गई है, लेकिन इंजीनियरों की कमी के चलते प्लांट के शुरू होने में अभी दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है।
यहां पिछले साल नवंबर में ऑक्सीजन प्लांट चालू होना था, लेकिन पहले प्लांट के लिए आवश्यक मशीनें और अब इंजीनियरों की कमी के कारण इसका काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एसडी सकलानी ने बताया कि अभी दिल्ली से एक ही इंजीनियर पहुंचा है, जिसके साथ इलेक्ट्रिशियन व दो से तीन लोग प्लांट को चालू करने के लिए काम कर रहे हैं। बताया कि अभी दो से तीन इंजीनियर और आने हैं।
सभी सीएचसी में भी प्लांट लगाने की तैयारी
सीएमएस डा. एसडी सकलानी ने बताया कि जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़, नौगांव, पुरोला, बड़कोट के अलावा मोरी में 300-300 एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट प्रस्तावित हैं, जिससे 30-30 ऑक्सीजन बेड को पर्याप्त आपूर्ति मिलेगी। बताया कि इसकी मंजूरी मिल गई है।
जिला अस्पताल में 500 एलपीएम की मांग
जिला अस्पताल में 500 लीटर प्रतिमिनट ऑक्सीजन की खपत है। ऐसे में 200 एलपीएम क्षमता का प्लांट शुरू होता है, तो अस्पताल को कुछ राहत मिलेगी। अभी जिला अस्पताल वेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है।