गंगोत्री धाम में तीर्थयात्री नदी में साड़ियां, शृंगार के सामान के साथ बहा रहे पुराने कपड़े
गंगा विचार मंच ने चलाया स्वच्छता अभियान, 100 बोरा कूड़ा किया एकत्र
उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में आने वाले यात्री आस्था के नाम पर भागीरथी नदी को दूषित कर रहे हैं। इस वर्ष स्थिति अधिक गंभीर हो गई है। यात्री अब साड़ियां और शृंगार के सामान के साथ पुराने अंगवस्त्र व तौलिया भी नदी में बहा रहे हैं।
गंगा सप्तमी पर गंगा विचार मंच ने गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी में स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान में गंगोत्री मंदिर समिति, पुरोहित सभा, गंगोत्री नेशनल पार्क, नगर पंचायत और साधु संत शामिल हुए। अभियान के दौरान नदी से प्रवाहित कपड़ों के एक सौ बोरे एकत्रित किए गए। उन्होंने नदी में श्रद्धा के नाम पर प्रवाहित की गई साड़ियों सहित शृंगार के सामान को भी एकत्रित किया। कई पुराने कपड़े और तौलिया भी नदी से मिले। स्थिति इतनी गंभीर थी कि अभियान के समय भी यात्री गंगा में वस्त्र प्रवाहित कर रहे थे। गंगा विचार मंच ने यात्रियों को गंगा स्वच्छता के लिए जागरूक किया।
गंगा विचार मंच के प्रदेश संयोजक लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि मां गंगा में किसी भी तरह की पूजन व शृंगार सामग्री प्रवाहित न करें। खासकर वस्त्र, साड़ी, धोती व कपड़े नदी में न डालें। बिष्ट ने मंदिर समिति से भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं से वस्त्र आदि गंगोत्री मंदिर में ही भेंट करने को कहें।
अभियान में ईओ जयानंद सेमवाल, रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट, यशवंत चौहान, स्वामी बृजानंद, राजवीर रावत, बृज रमोला, दीपक सिंह, खेमराज राणा, महादेव प्रसाद, गोविंद सिंह, विक्रम सिंह, बीरबल रजवार, सतवीर, जयवीर, कुश राणा और श्रीदेव रावत शामिल हुए।