प्रभावितों ने जल संस्थान पर आपदा अवधि के बिल वसूलने का लगाया आरोप
बड़कोट। वर्ष 2025 की आपदा से प्रभावित स्यानाचट्टी के परिवारों ने जल संस्थान पर आपदा अवधि के बिल भी वसूलने का आरोप लगाया है। प्रभावितों का कहना है कि जिस समय पूरा क्षेत्र आपदा की मार झेल रहा था और लोग अपने घर-रोजगार बचाने की जद्दोजहद में थे उसी अवधि के बकाया बिल इस वर्ष के नए बिल में जोड़कर भेज दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2025 की आपदा के दौरान यमुना नदी पर झील बनने से स्यानाचट्टी लंबे समय तक जलमग्न रहा। कई मकान, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए तथा लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब सामान्य स्थिति लौटने से पहले ही आपदा काल के बकाया जल बिलों की वसूली शुरू होने से प्रभावित परिवार खुद को दोहरी मार झेलने वाला बता रहे हैं।
आपदा प्रभावित दिनेश सिंह, रमेश सिंह, दिपिन राणा, शैलेन्द्र सिंह, जयपाल सिंह, चित्र मोहन और विवेक राणा का आरोप है कि आपदा के दौरान लोगों की आजीविका प्रभावित रही और अधिकांश परिवार आर्थिक संकट से उबरने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे समय में बिल वसूली करना संवेदनशील निर्णय नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से आपदा अवधि के जल बिलों को विशेष राहत के तहत माफ करने की मांग की है।
उधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विनोद पांडे ने बताया कि विभाग के नियमों में जल बिल माफ करने का कोई प्रावधान नहीं है। जिन उपभोक्ताओं के वर्ष 2025 के बिल बकाया थे उन्हें नियमानुसार इस वर्ष के बिल के साथ जोड़कर जारी किया गया है। यदि सरकारी स्तर पर कोई विशेष आदेश जारी होता है तो विभाग उसी के अनुरूप कार्रवाई करेगा।