ग्रामीणों ने की गांव को जोड़ने के लिए भागीरथी पर पुल निर्माण की मांग
उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय से सटे दिलसौड़ गांव के ग्रामीणों के लिए सड़क का निर्माण किया गया लेकिन पिछले 20 वर्षों में उसका डामरीकरण नहीं हो पाया। साथ ही उस पर सक्रिय भूस्खलन जोन हमेशा खतरा बना है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव को जोड़ने के लिए भागीरथी पुल के निर्माण की मांग की थी। उस पर वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री ने घोषणा की लेकिन उस पर भी अभी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसलिए ग्रामीणों को हर दिन आवाजाही में खतरा बना रहता है।
इस समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे दिलसौड़ गांव के लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि लंब समय से वह उनके गांव तक पहुंचने के लिए सुरक्षित आवाजाही की मांग कर रहे हैं लेकिन आज तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार, ग्राम प्रधान अनूसूय चमोली, बीडीसी सदस्य तेजेंद्र गुसाईं, विजयपाल महर, अनिता देवी आदि का कहना है कि वर्ष 2006-07 में उनके गांव के लिए मनेरा से दो किमी सड़क का निर्माण किया गया लेकिन उस पर अभी तक डामरीकरण नहीं हुआ है।
साथ ही सड़क पर जगह-जगह सक्रिय भूस्खलन के कारण हल्की सी बारिश में पत्थर गिरने का भय बना रहता है। ग्रामीणों ने पुल की मांग की तो उस पर 2016 में सीएम की घोषणा में शामिल कर प्रथम चरण की स्वीकृति भी मिली लेकिन सर्वे से आगे बात नहीं बढ़ पाई। अब ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही उनके लिए पुल निर्माण प्रक्रिया और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ट्राॅली नहीं लगाई जाती है तो उनको आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।