डीएम के निर्देश पर ताल के संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा पर किया जा रहा काम
उत्तरकाशी। जनपद की प्राकृतिक एवं पौराणिक धरोहर नचिकेता ताल को ईको टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में ताल के संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा और आसपास के कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत झील की परिधि में फुटपाथ और मजबूत रेलिंग का निर्माण कराया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से करीब 29 किलोमीटर दूर चौरंगीखाल से तीन किलोमीटर पैदल मार्ग पर स्थित नचिकेताताल समुद्र तल से लगभग 2453 मीटर की ऊंचाई पर घने वन क्षेत्र के बीच बसा है। करीब 200 मीटर लंबा, 30 मीटर चौड़ा और सात मीटर गहरा यह जलाशय धार्मिक आस्था के साथ अपनी जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पर्यटन विभाग की तीन वर्षीय स्वीकृत ईको टूरिज्म विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न जनोपयोगी और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए गए। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 में पर्यटकों की आवाजाही को सुरक्षित और सुगम बनाने पर जोर है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से करने के निर्देश दिए हैं।
पर्यटन की संभावनाओं को विस्तार देने के लिए काणाताल, यमगुफा और खाल बुग्याल जैसे आसपास के स्थलों की जानकारी भी पर्यटकों तक पहुंचाई जाएगी। वर्ष 2025-26 में यहां 2,379 भारतीय और 38 विदेशी पर्यटक पहुंचे। इससे 1,22,850 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। बेहतर सुविधाओं और व्यापक प्रचार से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों तथा स्थानीय आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।